
कोर्ट फीस के नाम पर मांगी थी रिश्वत, सिविल कोर्ट में ट्रैप के दौरान मचा हड़कंप; अधिवक्ताओं के विरोध से गर्माया माहौल
राजू अनेजा काशीपुर/बाजपुर। ऊधम सिंह नगर के बाजपुर सिविल न्यायालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस की ट्रैप टीम ने कोर्ट फीस के नाम पर 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए नायब नाजिर ओम चौहान को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिवक्ताओं ने विजिलेंस टीम का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया।
राजीनामा दाखिल कराने के नाम पर मांगे थे रुपये
नगर के मोहल्ला मुंडिया पिस्तौर निवासी एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके खिलाफ एनआई एक्ट का मामला सिविल कोर्ट बाजपुर में विचाराधीन है। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद जब वह राजीनामा दाखिल कराने पहुंचा तो न्यायालय में तैनात नायब नाजिर ओम चौहान ने कोर्ट फीस के नाम पर 3500 रुपये की रिश्वत मांग ली।
शिकायत सही मिली, फिर बिछा विजिलेंस का जाल
प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। गुरुवार को टीम ने बाजपुर सिविल न्यायालय पहुंचकर शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते समय नायब नाजिर ओम चौहान निवासी निवाड़मुंडी, जसपुर को रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान कोर्ट परिसर में मचा बवाल
सादी वर्दी में पहुंची विजिलेंस टीम की कार्रवाई से न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। अधिवक्ताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बाद में बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेश पांडे को विजिलेंस अधिकारियों ने हाईकोर्ट से प्राप्त अनुमति दिखाई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
सूचना मिलते ही कोतवाल नरेश चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाकर मामला शांत कराया। इस दौरान अधिवक्ता विजय गर्ग ने विजिलेंस टीम पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। बाद में विजिलेंस कर्मी ने सिविल जज के चैंबर में जाकर खेद भी व्यक्त किया।
शिकायतकर्ता के भाई से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल
इसी घटनाक्रम के बीच शिकायतकर्ता के भाई अनीस ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता और उनके साथियों ने कोर्ट परिसर में उसे घेरकर मारपीट की, गाली-गलौज की और उसके कपड़े फाड़ दिए। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह उसे छुड़ाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कोतवाली के एसएसआई विक्रम सिंह धामी मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव विजय गर्ग ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
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