बीजेपी का अंधभक्त होने की सजा मिली, पुलिस कार्रवाई के बाद से अब अंधभक्ति निकलेगी – राजीव राणा
होटल पर चला बुलडोजर तो कागज दिखाने लगा राजीव राणा

22 जून को हुए बरेली गोलीकांड के मास्टरमाइंड राजीव राणा घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। गुरुवार को पुलिस और बीडीए की टीम बुलडोजर लेकर जब राजीव राणा का आलीशान होटल गिराने के लिए पहुंची तो अचानक से राजीव राणा मौके पर पहुंच गया और होटल तोड़ने का विरोध जताने लगा।
मीडिया को राजीव राणा ने बीडीए अप्रूव्ड कागजात भी दिखाए। इसके बाद चीख-चीखकर राना ने कहा कि उसका नक्शा पास है लेकिन फिर भी उसे बर्बाद किया जा रहा है। राजीव राणा के साथ उसकी पत्नी और बेटी भी पहुंची थी। मीडिया से बात करते हुए बरेली गोलीकांड के मुख्य आरोपी राजीव राणा ने होटल तोड़ने की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा, उसे भाजपा का अंधभक्त होने की सजा मिली है। पुलिस कार्रवाई के बाद से अब अंधभक्ति निकलेगी।
राजीव राणा ने कहा, मेरा और मेर परिवार का कोई दोष नहीं है। जिस प्लॉट को लेकर मुझे गलत ठहराया जा रहा है उसके सारे पेपर लेकर आया हूं। उसने बताया कि जब भी वह थाने आना चाहता था तो उसे वहां से लौटा दिया जाता था। एक बार एसएसपी साहब के यहां से भी उसे लौटा दिया गया। हमारी बात सुनने को कोई तैयार नहीं है। होटल और घर तोड़े जाने पर राजीव राणा ने कहा, आज हमारे पूरे घर और होटल को तहस-नहस कर दिया गया। पूरा परिवारा हमारा सड़क पर आ गया है। नियम कानून से परे बाबा का बुलडोजर घर और होटल पर चल गया। बीडीए से अप्रूव्ड नक्शा होने के बाद भी अफसरों पर कार्रवाई के बजाय ये सरकार पीड़ितों को ही पीड़ित करती है। इसके बाद पुलिस ने राजीव राणा को गिरफ्तार कर लिया।
राजीव राणा ने नाटकीय ढंग से किया था सरेंडर
बीडीए ने गुरुवार सुबह करीब दस बजे संजयनगर में गोलीकांड के मास्टरमाइंड राजीव राना के होटल-रेस्टोरेंट और घर पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। बड़ी तादात में पुलिस बल भी वहां तैनात था। दोपहर करीब 12 बजे सूचना आई कि राजीव वहीं पर सरेंडर करने आ रहा है लेकिन किसी ने यकीन नहीं किया और फिर दोपहर डेढ़ बजे राजीव राना पत्नी और बेटी के साथ होटल पर पहुंच गया। इसी दौरान सीओ तृतीय अनीता चौहान ने उसे हिरासत में ले लिया और पुलिस जीप में बैठाकर थाना बिथरी चैनपुर भेज दिया। इज्जतनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी, बरामद होंगे असलहे
जेल भेजने के बाद इज्जतनगर पुलिस बिल्डर राजीव राना का कोर्ट से रिमांड लेकर उससे पूछताछ कर वारदात में प्रयुक्त असलहों को बरामद करेगी। इसको लेकर पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गोलीबारी की इस वारदात में करीब 15 असलहों का इस्तेमाल किया गया है। यह असलहे कहां से और किसकी मदद से जुटाए गए थे। कौन-कौन बदमाश शामिल था। इन सभी की जानकारी के लिए पुलिस राजीव राना का कोर्ट से दोबारा रिमांड लेगी।
एनकाउंटर का था डर मीडिया के बीच पहुंचा
गोलीकांड के बाद पुलिस सरगर्मी से राना की तलाश कर रही थी। ललित सक्सेना नाम के एक बदमाश के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली भी लग चुकी है। इसके चलते राजीव राना को भी एनकाउंटर का डर था। यही वजह रही कि योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को उसने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाली, जिस पर 29 जून को सुनवाई है। इसी बीच गुरुवार को जब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही थी और वहां पर बड़ी तादात में मीडियाकर्मी मौजूद थे तो वह अचानक ही वहां पहुंच गया।
वैध का प्रमाण लेकर पहुंचा राना, अफसर बोले सबूत झूठे
बीडीए की टीम राजीव राना का होटल, घर पर बुलडोजर चला रही थी वहीं इसी दौरान राजीव राना अपनी पत्नी, बेटी के साथ घटनास्थल से चंद दूरी पर आ धमके। राजीव राना ने कहा कि हमको इंसाफ चाहिए। हमारा होटल, मकान बीडीए एप्रुव्ड है। इसके बाद भी इसको तोड़ा जा रहा है। कोई हमारे पेपर मांगने, देखने को तैयार नहीं है। उधर, बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने कहा कि होटल, मकान वैध का कोई रिकॉर्ड प्राधिकरण में नहीं है। अवैध होने पर इसको तोड़ा गया है।

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