हल्द्वानी: फर्जी प्रमाण पत्रों पर बड़ी स्ट्राइक; अब तक 115 स्थाई निवास प्रमाण पत्र निरस्त, जांच जारी
हल्द्वानी: तहसील क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के भीतर बने स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की गहन पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसडीएम राहुल शाह के नेतृत्व में चल रही इस विशेष जांच में अब तक 115 प्रमाण पत्रों में भारी अनियमितताएं पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
🔍 जांच का दायरा और प्रक्रिया
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स्कैनिंग: अब तक करीब 2,000 प्रमाण पत्रों की डिजिटल स्कैनिंग और भौतिक रिकॉर्ड से मिलान किया जा चुका है।
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अनियमितताएं: जांच में गलत पते, अपूर्ण दस्तावेज और नियमों को ताक पर रखकर जारी किए गए अभिलेख सामने आए हैं।
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ताजा कार्रवाई: आज ही 25 और नए फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े गए हैं, जिससे निरस्त होने वाले दस्तावेजों की कुल संख्या 115 पहुँच गई है।
🏛️ कमिश्नर की छापेमारी से शुरू हुई ‘क्लीनिंग’
इस पूरी कार्रवाई की नींव कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के जनता दरबार में मिली शिकायतों के बाद रखी गई थी:
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वनभूलपुरा कनेक्शन: शिकायत मिली थी कि वनभूलपुरा क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं।
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CSC सेंटर पर छापा: कमिश्नर ने एक सीएससी (CSC) सेंटर पर छापेमारी की थी, जहाँ कई गंभीर अनियमितताएं मिली थीं।
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मुकदमा दर्ज: छापेमारी के बाद तहसील प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
📋 प्रशासन का अगला कदम
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पूरे जनपद की सभी तहसीलों में पिछले 5 वर्षों के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए हैं:
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कठोर कार्रवाई: जो प्रमाण पत्र निरस्त किए गए हैं, उनके आधार पर लिए गए अन्य लाभों (जैसे सरकारी नौकरी या योजनाओं) की भी समीक्षा की जा सकती है।
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जीरो टॉलरेंस: एसडीएम राहुल शाह ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
📋 जांच रिपोर्ट: एक नजर में
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
| कुल स्कैन किए गए प्रमाण पत्र | 2,000 |
| निरस्त किए गए प्रमाण पत्र | 115 |
| जांच की अवधि | पिछले 5 वर्षों का रिकॉर्ड |
| मुख्य जांच अधिकारी | राहुल शाह (SDM हल्द्वानी) |

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