हरदोई: हिन्दू नववर्ष के स्वागत में भगवामय हुआ सरस्वती शिशु मंदिर; महिला विंग ने बांटे झंडे, घर-घर भगवा फहराने की अपील
हरदोई में हिन्दू नववर्ष (चैत्र प्रतिपदा) के स्वागत की तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति की महिला विंग ने स्कूलों में जाकर बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का अनूठा प्रयास किया है।
यहाँ इस कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट है:
हरदोई (16 मार्च 2026): हिन्दू नववर्ष के उपलक्ष्य में प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति की महिला विंग ने नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को भारतीय काल-गणना और सनातन संस्कृति के महत्व से परिचित कराया गया।
1. बच्चों को दी गई हिन्दू नववर्ष की जानकारी
समिति की पदाधिकारियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि हमारा नववर्ष चैत्र प्रतिपदा से शुरू होता है, जो वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि:
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सांस्कृतिक पुनरुत्थान: सनातन धर्म और संस्कृति की मजबूती के लिए हर हिंदू परिवार को यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाना चाहिए।
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भगवा ध्वज का महत्व: हमारी पहचान और गौरव के प्रतीक के रूप में हर घर पर भगवा झंडा लगाया जाना चाहिए।
2. झंडों का वितरण और उत्सव
महिला विंग की सदस्यों ने स्कूल के बच्चों को भगवा झंडे वितरित किए। झंडे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो गया। समिति ने जन-सामान्य से भी अपील की है कि वे इस नववर्ष पर अपने घरों को सजाएं और पारंपरिक रूप से उत्सव मनाएं।
3. कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख व्यक्तित्व
इस आयोजन में समिति की महिला विंग और विद्यालय परिवार के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
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महिला विंग पदाधिकारी: जिला अध्यक्ष सरोज सिंघल, जिला महामंत्री ज्योति बघेल, पूजा गुप्ता, अनीता अवस्थी, गीता गुप्ता, आरती द्विवेदी, शशि श्रीवास्तव, मुस्कान सिंह।
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विद्यालय परिवार: प्रधानाचार्य विनोद कुमार सिंह, ललित बाजपेई, स्नेह लता पाण्डेय।
Snapshot: हिन्दू नववर्ष जागरूकता कार्यक्रम
| विवरण | जानकारी |
| आयोजक | महिला विंग, प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति |
| स्थान | सरस्वती शिशु मंदिर, हरदोई |
| मुख्य गतिविधि | झंडा वितरण और सांस्कृतिक जागरूकता |
| प्रमुख संदेश | हर घर भगवा झंडा और सनातन संस्कृति की स्थापना |
निष्कर्ष: इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचाकर अपनी गौरवशाली भारतीय परंपराओं और जड़ों से जोड़ना है। हरदोई में इस बार हिन्दू नववर्ष को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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