
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत देते हुए जिलाधिकारी (DM) नैनीताल को बिंदुखत्ता के घोड़ानाला में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि भूमि उपलब्ध होने और आवश्यक धनराशि जारी होने के छह महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए।
दूषित पेयजल से जूझ रहे ग्रामीणों की याचिका पर कोर्ट का फैसला
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने बिंदुखत्ता निवासी हर्ष सिंह बिष्ट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष बिंदुखत्ता क्षेत्र में पेयजल के गंभीर संकट और दूषित पानी की समस्या को प्रमुखता से उठाया था।
याचिका में कहा गया था कि सेंचुरी पल्प एंड Paper (अब आईटीसी – ITC) लालकुआं द्वारा 9 सितंबर 2021 को स्थानीय ग्रामीणों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्यूबवेल तथा ओवरहेड टैंक बनाने का लिखित आश्वासन दिया गया था। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसके चलते स्थानीय ग्रामीणों को लंबे समय से दूषित पेयजल पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था।
6 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने की तय हुई समय-सीमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को मामले में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब घोड़ानाला क्षेत्र में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे बिंदुखत्ता के हजारों ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद जग गई है।
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