हल्द्वानी-रुद्रपुर रेलखंड पर बड़ा हादसा: बाघ एक्सप्रेस की टक्कर से नर हाथी की मौत; DFO बोले— ‘निर्धारित सीमा से अधिक थी ट्रेन की स्पीड’, जांच शुरू

हल्द्वानी/रुद्रपुर। तराई क्षेत्र में ट्रेनों की चपेट में आकर वन्यजीवों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि लालकुआं और रुद्रपुर रेलखंड पर हल्दी रोड और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच बाघ एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से एक वयस्क नर हाथी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब हाथियों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि हाथी मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि ट्रेन डिरेल (पटरी से उतरने) होने से बाल-बाल बच गई। हादसे के बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) लाइन क्षतिग्रस्त होने और इंजन में खराबी के कारण ट्रेन करीब दो घंटे तक मौके पर ही खड़ी रही।
ट्रैक पार करते समय बाघ एक्सप्रेस की चपेट में आया हाथी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालकुआं से हावड़ा जा रही बाघ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13020) जैसे ही रेलवे किलोमीटर संख्या 55/5 के समीप पहुंची, अचानक हाथियों का झुंड रेलवे पटरी पार करने लगा। लोको पायलट ने ट्रेन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन ट्रेन की गति अधिक होने के कारण एक नर हाथी सीधे इंजन से टकराकर पटरी के किनारे जा गिरा और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद लोको पायलट ने तत्काल रुद्रपुर रेलवे स्टेशन और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी।
OHE लाइन क्षतिग्रस्त, दो घंटे ठप रहा रेल यातायात
हादसे में ट्रेन के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा और OHE लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ट्रेन में 1,000 से अधिक यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण सिंह बिष्ट और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम ने इंजन में आई खराबी को दूर किया, जिसके बाद ट्रेन को करीब डेढ़ से दो घंटे की देरी से आगे के लिए रवाना किया गया।
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दे दी गई थी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा।
लोको पायलट की भूमिका और ओवरस्पीडिंग की होगी जांच: DFO
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ (DFO) उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि प्राथमिक दृष्टया ट्रेन की गति रेलवे द्वारा वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों के लिए निर्धारित गति सीमा से अधिक पाई गई है।
-
जांच के आदेश: घटना के वक्त ट्रेन की रफ्तार क्या थी और तय नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी गहन जांच शुरू कर दी गई है।
-
कानूनी कार्रवाई: यदि जांच में लोको पायलट की लापरवाही या ओवरस्पीडिंग की पुष्टि होती है, तो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-
पोस्टमॉर्टम: बुधवार को पशु चिकित्सकों की विशेष टीम की मौजूदगी में मृत हाथी का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
पीपलपड़ाव रेंज में आपसी वर्चस्व की जंग में खाई में गिरा हाथी, हालत गंभीर
एक अन्य घटना में, तराई केंद्रीय वन प्रभाग की पीपलपड़ाव रेंज में दो नर हाथियों के बीच आपस में भीषण संघर्ष हो गया। इस दौरान एक वयस्क हाथी संतुलन खोकर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए खोदी गई गहरी खाई में गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
डीएफओ उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाई के किनारे को समतल कर जेसीबी की मदद से हाथी को बाहर निकाला। हालांकि, गंभीर चोटें आने के कारण हाथी खड़ा होने में असमर्थ है। फिलहाल पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर ही उसका उपचार कर रही है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

