गौलापार के इस क्षेत्र में बाघ ने ग्रामीण को मौत के घाट उतारा

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हल्द्वानी। यहां गौलापार क्षेत्र में बाघ ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया, घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


प्राप्त घटनाक्रम के मुताबिक आज रविवार की सुबह गौलापार के जीतपुर रैक्वाल निवासी चनर सिंह सम्मल (60) रोजाना की भांति निकटवर्ती किशनपुर रेंज के प्रतापपुर जंगल में मवेशियों को चराने के लिए सुबह छोड़ आए और दोपहर लगभग 3:00 बजे अपने दो साथियों के साथ मवेशियों को घर वापस लेने गए हुए थे इसी बीच चनर सिंह पर घात लगाए बैठे बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। उनके दो अन्य साथी सुरेश सिंह और जीवन सिंह करीब आधे घंटे तक उन्हें ढूंढते रहे, बाढ़ में उनका क्षत-विक्षत शव झाड़ियों में पड़ा देख उन्होंने मामले की सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है तथा समूचे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।

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इधर देवभूमि जनसेवा संस्था के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश सिंह बिष्ट ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में पिछले कई महीनों से बाघ का आतंक व्याप्त है, उन्होंने कहा बाघ अब तक कई लोगों को घायल कर चुका है लेकिन वन विभाग द्वारा सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मां को आदमखोर घोषित कर निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा क्षेत्रवासियों ने सुरक्षा के यदि पुख्ता इंतजाम नहीं हुए तो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

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