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जसपुर: उत्तरांचल पंजाबी महासभा की नई टीम ने ली शपथ, नई कार्यकारिणी के कंधों पर समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी

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विभाजन के दर्द से लेकर समाज की एकजुटता तक गूंजा संदेश, शपथ ग्रहण समारोह में जुटे समाज के कई दिग्गज

राजू अनेजा,जसपुर। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की जसपुर इकाई का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पंजाबियत, समाज की एकजुटता और विभाजन की त्रासदी के दर्द की गूंज सुनाई दी। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे और नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

बलराज पासी ने याद कराया विभाजन का दर्द, बोले- बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता

समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बलराज पासी ने अपने ओजस्वी संबोधन में वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में पंजाबियों ने असीम पीड़ा सही और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान हुए नरसंहार और विस्थापन का दर्द पंजाबियों की पीढ़ियों ने झेला है।

उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के बलिदान और उनके दर्द को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी इस इतिहास से परिचित कराना जरूरी है, ताकि उस त्रासदी को भुलाया न जा सके।

मंच पर जुटे समाज और राजनीति के कई दिग्गज

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश महामंत्री राजकुमार फुटेला ने की। समारोह में पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंगला, विधायक आदेश चौहान, महासभा के पूर्व अध्यक्ष राजीव घई, प्रवीण सेठी, राजकुमार बुद्धि, गुंजन सुखीजा और जिला अध्यक्ष त्रिलोक अरोड़ा समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

नई कार्यकारिणी के कंधों पर समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी

समारोह में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने शपथ लेकर समाज के हित में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। अतिथियों ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि समाज की मजबूती उसकी एकजुटता में है और संगठन को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर आगे बढ़ाने की जरूरत है।

जसपुर से एकजुटता का संदेश

शपथ ग्रहण समारोह महज पदाधिकारियों के शपथ लेने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंच से समाज की एकता, विरासत और नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामाजिक हितों के लिए मिलकर काम करने और पंजाबी समाज की पहचान, संस्कृति व भाईचारे को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

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