
बागेश्वर (काफलीगैर)। अपने पैतृक गांव करासमाफ़ी (काफलीगैर, बागेश्वर) के प्रति अटूट प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की भावना से प्रेरित होकर जोशी परिवार ने एक सराहनीय पहल की है। परिवार के सदस्यों ने गांव स्थित प्रसिद्ध जयंतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न प्रजातियों के फलदार व छायादार पौधे रोपे। इस दौरान सभी सदस्यों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और उन्हें संरक्षित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
पलायन के दौर में अपनी जड़ों को न भूलने की मिसाल
वर्तमान समय में रोजगार, शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की तलाश में पर्वतीय क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ है, जिससे गांवों की चहल-पहल कम हो गई है। ऐसे दौर में भी जोशी परिवार के सदस्यों का अपने पैतृक गांव पहुंचकर सामाजिक और पर्यावरणीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना माटी और पूर्वजों के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि शहर में रहने के बावजूद अपनी जड़ों और पैतृक गांव को कभी नहीं भूलना चाहिए। समय-समय पर गांव आकर विकास व संरक्षण के कार्यों में योगदान देना हर प्रवासी की नैतिक जिम्मेदारी है।
पर्यावरण व पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने पर जोर
वृक्षारोपण कार्यक्रम में गोकुलानन्द जोशी, विपिन चंद्र जोशी, नेत्र बल्लभ जोशी, मदन मोहन जोशी, महेश जोशी तथा हरीश जोशी सहित परिवार के कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों ने संदेश दिया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित रखते हैं, बल्कि पहाड़ों की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को भी बचाए रखते हैं। कार्यक्रम के समापन पर जोशी परिवार ने भविष्य में भी करासमाफ़ी गांव में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।