बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग: 16वें दिन भी जारी रही पदयात्रा, 27 सितंबर की विशाल रैली के लिए ग्रामीणों से किया एकजुट होने का आह्वान
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्र में चलाई जा रही घर-घर पदयात्रा रविवार को 16वें दिन भी अनवरत जारी रही। पदयात्रा के दौरान स्थानीय क्षेत्रवासियों और ग्रामीणों का भारी उत्साह और जनसमर्थन देखने को मिला।
अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुटता की अपील
अभियान से जुड़े प्रमुख लोगों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए बिंदुखत्ता के हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान किया। इस दौरान पदयात्रा में शामिल नेताओं व समाजसेवियों ने आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित विशाल महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को जब तक राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक क्षेत्रवासियों को अपनी आवाज इसी तरह एकजुट होकर बुलंद करनी होगी।
मातृशक्ति और स्थानीय नेताओं की रही प्रमुख भागीदारी
इस पदयात्रा में वन अधिकार समिति के अध्यक्ष उमेश चंद भट्ट, सचिव बलवंत सिंह बिष्ट, पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी, नंदन बोरा, अर्जुन नाथ गोस्वामी, करम सिंह कोरंगा, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, भरत नेगी, रमेश गोस्वामी, दानी कोरंगा, प्रकाश उत्तराखंडी, उर्मिला धामी, नंदी, आनंदी देवी, गीता देवी और दुर्गा देवी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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