किच्छा और तराई क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी और सकारात्मक खबर है। 351 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 280 बेड के अत्याधुनिक सेटेलाइट एम्स (Satellite AIIMS) का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा किए गए निरीक्षण और अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद, इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समय सीमा और उपलब्ध होने वाली सुविधाओं की तस्वीर साफ हो गई है:
किच्छा (16 अप्रैल 2026): मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि अस्पताल का ढांचा जुलाई तक तैयार हो जाना चाहिए ताकि अगस्त से मरीजों का उपचार शुरू हो सके।
1. डेडलाइन और निर्माण की प्रगति
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ओपीडी की शुरुआत: अगस्त 2026 से।
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मुख्य निर्माण कार्य: 30 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य।
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आवासीय भवन और सड़कें: 85% कार्य पूर्ण, मई 2026 तक फिनिशिंग का लक्ष्य।
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प्लांटेशन (वृक्षारोपण): जून माह में पूरा किया जाएगा।
2. अस्पताल में मिलने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं
यह सेटेलाइट एम्स केवल एक सामान्य अस्पताल नहीं, बल्कि एक सुपर-स्पेशियलिटी सेंटर होगा:
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बेड क्षमता: कुल 280 बेड (जिसमें 250 सामान्य और 30 आईसीयू बेड शामिल हैं)।
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ऑपरेशन थिएटर: जटिल सर्जरी के लिए 10 अत्याधुनिक ओटी।
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विशेषज्ञ विभाग: कार्डियोलॉजी (हृदय), नेफ्रोलॉजी (किडनी), न्यूरोलॉजी (नसों के रोग), यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक, पीडियाट्रिक और इमरजेंसी/ट्रॉमा सेंटर।
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अन्य सुविधाएं: आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, तीमारदारों के लिए सराय और एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स।
3. कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर
अस्पताल तक पहुँचने के लिए सिंचाई विभाग हाईवे की तरफ तीन अप्रोच गेट पर नाला निर्माण और पुलिया का कार्य जुलाई से पहले पूरा कर लेगा, जिससे एम्बुलेंस और मरीजों के वाहनों को आने-जाने में कोई बाधा न हो।
अधिकारियों का पक्ष
“यदि अस्पताल का निर्माण जुलाई में पूर्ण होकर हैंडओवर हो जाता है, तो हम अगस्त से ओपीडी सेवाएं सुनिश्चित करेंगे।”
— प्रोफेसर मीनू सिंह, निदेशक, एम्स ऋषिकेश।
“श्रमिकों और मशीनों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।”
— आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव।
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