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लालकुआं व्यापार मंडल चुनाव: अध्यक्ष पद प्रत्याशी नरेश चौधरी का ईद पर सघन जनसंपर्क; व्यापारियों से मिला ‘एकतरफा जीत की ईदी’ का भरोसा

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लालकुआं: प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल लालकुआं इकाई के आगामी त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर व्यापारिक और राजनैतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। विशेष रूप से अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार नरेश चौधरी ने चुनावी समर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ईद के पावन और विशेष अवसर का लाभ उठाते हुए नरेश चौधरी ने बाजार क्षेत्र में एक सघन जनसंपर्क अभियान चलाया, जिसने चुनाव की पूरी फिजा को बदल कर रख दिया है। इस दौरान उन्हें स्थानीय मुस्लिम और अन्य सभी वर्गों के व्यापारियों का अभूतपूर्व और भारी समर्थन प्राप्त हुआ। चौधरी खेमे और उनके समर्थकों द्वारा व्यापारियों के इस ऐतिहासिक झुकाव को चुनाव में ‘एकतरफा जीत की ईदी’ के रूप में देखा और प्रचारित किया जा रहा है।

दीवान सिंह बिष्ट और नरेश चौधरी के बीच मुख्य मुकाबला, चौधरी खेमे को मिली बड़ी बढ़त

लालकुआं व्यापार मंडल के इस बार के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए मुख्य और सीधा मुकाबला दीवान सिंह बिष्ट और नरेश चौधरी के बीच माना जा रहा है। दोनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत को लेकर लगातार गोटियां फिट करने में जुटे हैं। इस बीच, ईद के त्योहार पर नरेश चौधरी द्वारा किए गए सीधे संवाद ने उनके पक्ष में माहौल को बेहद मजबूत कर दिया है।

चौधरी ने त्योहार के मौके पर प्रत्येक छोटे-बड़े और विशेषकर मुस्लिम व्यापारियों से उनके प्रतिष्ठानों पर जाकर व्यक्तिगत मुलाकात की, उन्हें ईद की दिली मुबारकबाद दी और व्यापार मंडल को सशक्त बनाने के लिए अपने पक्ष में मतदान करने की भावुक अपील की। जनसंपर्क के दौरान व्यापारियों से मिले भारी जनसमर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद चौधरी खेमे में खासा उत्साह देखा जा रहा है। व्यापारिक गलियारों में चर्चा है कि इस जमीनी ध्रुवीकरण के बाद नरेश चौधरी ने अपने प्रतिद्वंदी के मुकाबले एकतरफा बढ़त बना ली है।

व्यापारियों की एकजुटता और सीधा संवाद बना नरेश चौधरी की ताकत

स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों का मानना है कि नरेश चौधरी हमेशा से व्यापारियों के सुख-दुख में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। ईद मिलन के दौरान व्यापारियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि वे इस बार एक ऐसे दूरदर्शी नेतृत्व को चुनेंगे जो हर वर्ग के व्यापारी की समस्याओं (जैसे बाजार का बुनियादी ढांचा, अतिक्रमण और सुरक्षा) को निष्पक्षता से हल कर सके।

इस सघन और आक्रामक जनसंपर्क अभियान ने लालकुआं बाजार के भीतर व्यापारिक एकता और आपसी भाईचारे को भी एक नई मजबूती दी है। व्यापारियों की ओर से मिल रहे इस एकतरफा रुझान के बाद, नरेश चौधरी के समर्थकों ने अब डोर-टू-डोर अभियान को और तेज कर दिया है, जिससे प्रतिद्वंदी खेमे के भीतर अपनी चुनावी रणनीति को नए सिरे से बदलने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

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