उत्तराखंड में 1 अप्रैल से महंगी होगी शराब: कीमतों में 5 से 10% तक की वृद्धि तय, जानें क्या है नया नियम
देहरादून: उत्तराखंड के शौकीनों की जेब पर नए वित्तीय वर्ष (2026-27) से अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। राज्य की तीन वर्षीय आबकारी नीति के प्रावधानों के तहत, 1 अप्रैल 2026 से शराब की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी प्रस्तावित है।
📉 कीमतों में वृद्धि का गणित
आबकारी विभाग ने राजस्व बढ़ाने के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाई है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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दुकान राजस्व में वृद्धि: अंग्रेजी शराब की दुकानों के राजस्व में 4% और देशी शराब की दुकानों के राजस्व में 2% की सालाना बढ़ोत्तरी होगी।
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प्रति बोतल असर: अन्य करों और अधिभारों (Cess) को मिलाकर, उपभोक्ता के लिए एक बोतल की कीमत 5% से 10% तक बढ़ जाएगी।
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लक्ष्य: इस वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है।
🏛️ तीन वर्षीय नीति से क्या बदला?
सरकार ने पहली बार दुकानों का आवंटन तीन साल के लिए किया है। इससे:
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लाइसेंसधारकों को बार-बार रिन्यूअल की प्रशासनिक प्रक्रिया से राहत मिली है।
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राजस्व संग्रह में स्थिरता और निरंतरता आई है।
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विभाग के लिए निगरानी करना अधिक प्रभावी हो गया है।
⚠️ विवाद: आदेश वापसी के बाद भी ‘ओवररेटिंग’ का खेल
खबर यह भी है कि राज्य में नवंबर माह में एक्साइज ड्यूटी पर वैट (VAT) लगाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। विभाग ने भी बढ़ी दरें वापस लेने का निर्देश दिया था, लेकिन:
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ग्राउंड रिपोर्ट: अधिकांश दुकानों पर अभी भी बढ़ी हुई दरों पर ही शराब बेची जा रही है।
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शिकायत: ग्राहक पुरानी कीमतों पर शराब न मिलने से परेशान हैं।
🗣️ आबकारी आयुक्त का रुख
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नीतिगत बढ़ोत्तरी कानून के तहत है, लेकिन अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं होगी।
“नीति में हर वर्ष कीमतों में वृद्धि का प्रावधान पहले से तय है और उसी के अनुसार दरें बढ़ेंगी। जहाँ तक दुकानों पर महंगी शराब (ओवररेटिंग) बिकने की बात है, तो शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
— अनुराधा पाल, आबकारी आयुक्त, उत्तराखंड
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