पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी इस भीषण संघर्ष का असर अब सीधे भारतीय परिवारों के बजट पर पड़ने लगा है। 7 मार्च 2026 से प्रभावी हुई इन नई कीमतों ने रसोई के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को भी प्रभावित किया है।
यहाँ इस महंगाई के झटके और भू-राजनीतिक स्थिति का पूरा विश्लेषण दिया गया है:
घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किग्रा) की नई दरें
देश भर में घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई है।
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | कुल बढ़ोतरी (₹) |
| दिल्ली | 853.00 | 913.00 | +60.00 |
| मुंबई | 852.50 | 912.50 | +60.00 |
| कोलकाता | 879.00 | 939.00 | +60.00 |
| चेन्नई | 868.50 | 928.50 | +60.00 |
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किग्रा) की नई दरें
व्यवसायिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों की कीमतों में 115 रुपये की भारी वृद्धि हुई है।
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | कुल बढ़ोतरी (₹) |
| दिल्ली | 1768.50 | 1883.00 | +115.00 |
| मुंबई | 1720.50 | 1835.00 | +115.00 |
| कोलकाता | 1875.50 | 1990.00 | +115.00 |
| चेन्नई | 1929.00 | 2043.50 | +115.00 |
महंगाई के पीछे का खौफनाक कारण
यह मूल्य वृद्धि केवल आर्थिक नहीं, बल्कि गहरे भू-राजनीतिक संकट का परिणाम है:
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ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद तेहरान ने इसे ‘अस्तित्व की जंग’ घोषित कर दिया है।
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क्षेत्रीय अस्थिरता: ईरान के जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे लाल सागर (Red Sea) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग असुरक्षित हो गए हैं।
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आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain): कच्चे तेल और गैस के आयात पर निर्भर भारत जैसे देशों के लिए शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ गया है, जिसका सीधा असर इन कीमतों पर पड़ा है।
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युद्ध का 8वां दिन: 7 मार्च को इस संघर्ष का आठवां दिन है और फिलहाल किसी भी पक्ष द्वारा युद्धविराम के संकेत नहीं मिले हैं।


