
चंपावत/टनकपुर, 21 जून 2026: उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध और प्रतिष्ठित शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण विधिक व व्यावहारिक सूचना है। सोमवार (२२ जून) से मुख्य मंदिर में रात के समय दर्शन करने की व्यवस्था पूरी तरह बंद होने जा रही है। पूर्णागिरि मंदिर समिति ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सीमित संसाधनों को देखते हुए प्रतिदिन रात आठ बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक मंदिर के कपाट बंद रखने का विधिक निर्णय लिया है। अब देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु केवल सुबह पांच बजे से लेकर रात आठ बजे तक ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
शारदीय नवरात्र शुरू होने तक लागू रहेगी नई विधिक व्यवस्था
मंदिर समिति की ओर से मामले की विस्तृत विधिक व प्रशासनिक जानकारी देते हुए पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया:
“रात्रि कालीन कपाट बंद रखने की यह विधिक व्यवस्था आगामी शारदीय नवरात्र शुरू होने से ठीक एक दिन पूर्व यानी ९ अक्टूबर २०२६ तक निरंतर लागू रहेगी। इसके बाद नवरात्र की व्यवस्थाओं के अनुसार पुनः नया विधिक निर्णय लिया जाएगा।”
सरकारी मेला समाप्त होने के बाद अब हटेंगी बिजली व आवश्यक व्यवस्थाएं
विदित हो कि इस वर्ष २७ फरवरी से शुरू हुआ १०९ दिनों का भव्य सरकारी पूर्णागिरि मेला बीती १५ जून २०२६ को विधिक रूप से संपन्न हो चुका है। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चौबीसों घंटे दर्शन की विशेष सुविधा दी गई थी।
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२१ जून तक थी रियायत: सरकारी मेला समाप्त होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए २१ जून तक पैदल ट्रैक पर पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) और अन्य जरूरी बुनियादी व्यवस्थाएं चालू रखी गई थीं।
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२२ जून से हटेगी सुविधा: सोमवार २२ जून से प्रशासन द्वारा इन तमाम अस्थायी विधिक व्यवस्थाओं और लाइटों को हटा लिया जाएगा। चूंकि मुख्य मेला समाप्त हो चुका है, इसलिए रात्रि के समय पैदल मार्ग पर अंधेरा रहने के कारण यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। इसी सुरक्षागत विधिक पहलू को देखते हुए मंदिर समिति ने रात ८ बजे के बाद कपाट बंद करने का फैसला लिया है।
मेला समाप्त होने के बाद भी उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भारी भीड़
मुख्य सरकारी मेला आधिकारिक रूप से समाप्त होने के बावजूद मां पूर्णागिरि धाम में आस्था का सैलाब कम नहीं हुआ है। वर्तमान में भी रोजाना हजारों की संख्या में भक्त माता के दरबार में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। अब तक रात के समय भी श्रद्धालु आसानी से पर्वत चोटी पर स्थित मुख्य मंदिर में दर्शन कर रहे थे, लेकिन सोमवार रात से ८ बजते ही मुख्य द्वार पर विधिक रूप से कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
प्रशासन और मंदिर समिति ने सभी दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे इस विधिक समय-सारणी को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि रात के समय उन्हें किसी भी प्रकार की व्यावहारिक परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े।
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