अरविंद पांडे पर फूटा महापौर बाली का गुस्सा, बोले— जिस घर से मिला आबोदाना, उसी घर को जलाकर ताप रहे हैं”

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राजू अनेजा,काशीपुर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ लगातार रचे जा रहे राजनीतिक षड्यंत्रों को देखकर काशीपुर के महापौर दीपक बाली शुक्रवार को पूरी तरह लाल हो गए। नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने गदरपुर विधायक अरविंद पांडे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की रफ्तार से घबराया एक गिरोह सत्ता के भीतर रहकर सरकार को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है।
बाली ने तल्ख लहजे में कहा,
“जिस घर से आबोदाना मिला, आज उसी घर को जलाकर तापने का काम किया जा रहा है।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री धामी चुनाव हारे नहीं थे, बल्कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से हरवाया गया था और उस समय रचा गया षड्यंत्र आज भी अलग-अलग रूपों में जारी है।
महापौर बाली ने कहा कि वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री धामी ने सेनापति की भूमिका निभाते हुए भाजपा को भारी बहुमत से सत्ता में पहुंचाया, लेकिन उसी लड़ाई में वे स्वयं घायल हो गए। इसके बावजूद पार्टी हाईकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए उत्तराखंड की कमान दोबारा उनके हाथों में सौंपी।
“बालिका से युवावस्था की ओर बढ़ रहे प्रदेश की बागडोर आज जिस नेता के हाथ में है, वही नेता कुछ लोगों को खटक रहा है,” — बाली ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री धामी के खिलाफ झूठे आरोपों का सिलसिला जानबूझकर चलाया जा रहा है, ताकि 24 में से 16–16 घंटे काम करने वाले मुख्यमंत्री को विकास के रास्ते से भटकाया जा सके।
अंकिता हत्याकांड का जिक्र करते हुए बाली ने कहा कि इस संवेदनशील मामले पर विपक्ष के साथ-साथ पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी षड्यंत्र रचकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार से संवाद कर उनकी मांग पर सीबीआई जांच की सहमति देकर सभी साज़िशों पर पानी फेर दिया।
महापौर बाली ने गदरपुर विधायक अरविंद पांडे पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हर मुद्दे पर राजनीति सूझती है — चाहे वह अंकिता मामला हो या किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण।
“गदरपुर में माहौल बिगाड़ने और काशीपुर को हल्दीघाटी बनाने जैसे बयान देना साफ दर्शाता है कि मंशा क्या है,” — उन्होंने कहा।
पूर्व सांसद बलराज पासी पर भी निशाना साधते हुए बाली ने कहा कि वे अरविंद पांडे को पुत्र समान मानते हैं, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में वे धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहे हैं।
“अब समय है कि धृतराष्ट्र बनकर आंखें मूंदने की बजाय सच के साथ खड़े हों,” — बाली ने कहा।
अंत में महापौर दीपक बाली ने साफ चेतावनी दी कि काशीपुर की धरती पर आकर यदि कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री धामी के खिलाफ षड्यंत्र रचने या राजनीति की आग भड़काने की कोशिश करेगा, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
“उत्तराखंड का भविष्य षड्यंत्र नहीं, विकास तय करेगा,” — बाली ने दो टूक कहा।

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