हिमालय प्रहरी

रुद्रपुर के जनता दरबार में भड़के महापौर विकास शर्मा: अमृत योजना के बावजूद दूषित पानी की सप्लाई पर जल संस्थान को लगाई कड़ी फटकार; बोले– ‘सुधर जाओ, वरना इतिहास लिख दूंगा’

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रुद्रपुर: ट्रांजिट कैंप स्थित श्री राधा गोविंद मंदिर परिसर में आयोजित ‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में उस समय माहौल पूरी तरह गर्म हो गया, जब स्थानीय जनता ने करोड़ों की अमृत योजना के फ्लॉप शो को उजागर किया। लोगों ने सीधे महापौर विकास शर्मा के सामने दूषित और मटमैले पेयजल आपूर्ति की गंभीर शिकायत रखी। नागरिकों द्वारा मौके पर ही वीडियो और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद महापौर का पारा चढ़ गया। उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के विधिक निर्देश जारी किए।

₹35 करोड़ की योजना के बाद भी मटमैला पानी; वीडियो साक्ष्य देख भड़के मेयर

जनता दरबार के दौरान सबसे गंभीर और आक्रोशित करने वाला मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना से जुड़ा सामने आया।

  • कागजों में विकास, धरातल पर प्यासी जनता: स्थानीय नागरिकों ने महापौर को बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से संचालित अमृत योजना का लाभ अब तक कई क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाया है।

  • दिखाया गंदे पानी का वीडियो: शिकायतकर्ताओं ने केवल मौखिक शिकायत नहीं की, बल्कि अपने मोबाइल में रिकॉर्ड की गई वीडियो दिखाई, जिसमें नलों से बेहद गंदा और मटमैला पानी आता हुआ साफ दिखाई दे रहा था।

इस विधिक लापरवाही को देखकर महापौर विकास शर्मा ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर मौजूद जल संस्थान के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा:

“शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बावजूद यदि लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है, तो यह घोर प्रशासनिक लापरवाही है। जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायत आई, तो जिम्मेदार अधिकारियों का ‘इतिहास लिख दिया जाएगा’।”

विकास शर्मा, महापौर, रुद्रपुर

‘महापौर जनता के द्वार’ अभियान: मौके पर ही हुआ सैकड़ों समस्याओं का निस्तारण

शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए महापौर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना और उनकी समस्याओं का समाधान उनके ही मोहल्ले में विधिक रूप से करना है। काम केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

  • विभिन्न विभागों की मौजूदगी: इस विशाल जनता दरबार में नगर निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, समाज कल्याण, श्रम विभाग और आयुष्मान योजना जैसे महत्वपूर्ण विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां सैकड़ों शिकायतों का मौके पर ही विधिक निस्तारण किया गया।

  • पीएम स्वनिधि विशेष कैंप: इसी परिसर में पीएम स्वनिधि योजना का जिला स्तरीय विशेष कैंप भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचे स्ट्रीट वेंडर्स (फड़-ठेला व्यापारियों) के आवेदन स्वीकृत कर उन्हें विधिक रूप से योजना का त्वरित लाभ प्रदान किया गया। शिविर के समापन पर महापौर ने सभी विभागीय अधिकारियों को शेष लंबित मामलों को भी समय सीमा के भीतर निपटाने के विधिक आदेश दिए।

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