
बनबसा/चंपावत: चंपावत जिले के सीमांत क्षेत्र बनबसा में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की कोशिश का बेहद गंभीर और विधिक रूप से संवेदनशील मामला सामने आया है। एक स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक पर लगे इस संगीन आरोप के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में सांप्रदायिक व सामाजिक माहौल गरमाया हुआ है। आक्रोशित बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विप) सहित विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने एहतियातन आरोपी के मेडिकल स्टोर को विधिक रूप से सील कर दिया है।
परिजनों की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
विधिक और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने बनबसा थाने में लिखित विधिक तहरीर देकर नामजद शिकायत दर्ज कराई थी।
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गंभीर आरोप: तहरीर में आरोप लगाया गया कि स्थानीय बाजार में मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले एक व्यक्ति ने नाबालिग बालिका को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का विधिक प्रयास किया।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शिकायत की संवेदनशीलता को देखते हुए बनबसा थाना पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और पीड़िता के विधिक संरक्षण व न्याय के लिए बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) सहित भारतीय न्याय संहिता की अन्य सुसंगत और कठोर विधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की।
हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा; प्रशासन ने सील की दुकान
चूंकि आरोपी एक विशेष समुदाय से संबंधित है, इसलिए घटना की भनक लगते ही विभिन्न सामाजिक और हिंदूवादी संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा।
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बनबसा बाजार में जोरदार प्रदर्शन करते हुए आरोपी को कठोरतम विधिक सजा दिलाने की मांग की। बढ़ते जन-आक्रोश और कानून-व्यवस्था की विधिक स्थिति को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत हरकत में आई और आरोपी के मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर उसे विधिक रूप से सील करने की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई। प्रदर्शनकारियों ने त्वरित विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना भी की, लेकिन साथ ही पीड़िता को जल्द से जल्द पूर्ण न्याय दिलाने की विधिक प्रतिबद्धता दोहराई।
आरोपी ‘राज’ भेजा गया जेल, विस्तृत जांच जारी: एसओ सुरेंद्र सिंह कोरंगा
मामले में की गई विधिक प्रगति और प्रशासनिक पक्ष की जानकारी देते हुए बनबसा के थाना प्रभारी (SO) सुरेंद्र सिंह कोरंगा ने बताया:
“परिजनों द्वारा दी गई विधिक तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राज के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत विधिक मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस टीम ने आरोपी को तत्काल विधिक अभिरक्षा में लिया और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे संबंधित विधिक न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।”
— सुरेंद्र सिंह कोरंगा, थाना प्रभारी, बनबसा
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले किसी भी प्रकार के लैंगिक या शारीरिक अपराध अत्यंत गंभीर श्रेणी (Heinous Crimes) में आते हैं, जिनमें कानूनन कठोरतम और गैर-जमानती दंड का प्रावधान है। पुलिस मामले की गहनता से विस्तृत विधिक विवेचना कर रही है और न्यायालय के समक्ष मजबूत विधिक साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या विधिक अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
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