कैंची धाम स्थापना दिवस मेले का भव्य शुभारंभ: बाबा नीब करौरी के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; चप्पे-चप्पे पर 1500 जवान, एटीएस और बम निरोधक दस्ता तैनात

खबर शेयर करें -

भवाली/कैंची धाम, 15 जून 2026: विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र बाबा नीब करौरी महाराज के कैंची धाम का $62$वां स्थापना दिवस मेला सोमवार सुबह पारंपरिक महाआरती और मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। बाबा के दर्शनों के लिए देश-विदेश से आए आस्थावानों का ऐतिहासिक रेला उमड़ पड़ा है। भोर की पहली किरण के साथ ही समूची क्षिप्रा घाटी बाबा के जयकारों, भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ से गुंजायमान हो उठी है। लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए नैनीताल जिला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए इस बार अब तक के सबसे कड़े और व्यापक विधिक इंतजाम किए गए हैं।

सुरक्षा के अभेद्य विधिक इंतजाम: 3 जिलों के एसएसपी और 1500 जवान संभाल रहे कमान

स्थापना दिवस जैसे वृहद और अति-संवेदनशील धार्मिक आयोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नैनीताल पुलिस ने अभूतपूर्व विधिक सुरक्षा चक्र तैयार किया है। मंदिर परिसर और वीआईपी रूटों की सुरक्षा को सामान्य पुलिसिंग से इतर अर्धसैनिक बलों के हवाले किया गया है।

  • विशेष विधिक विंग की तैनाती: सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए जिला पुलिस के साथ राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDDS), स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

  • वरिष्ठ अधिकारियों की विधिक निगरानी: सुरक्षा की कमान सीधे तौर पर तीन अलग-अलग जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, $7$ अपर पुलिस अधीक्षक (Addl. SP), $14$ पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) और वायरलेस संचार विभाग के तकनीकी अधिकारी मेला क्षेत्र में विधिक गश्त पर हैं। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए $1500$ से अधिक सशस्त्र और नागरिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  चेयरमैन की कुर्सी संभालने से पहले पांडे के दर पहुंचे अभिषेक, विकास का मांगा गुरुमंत्र

नॉन-स्टॉप शटल सेवा और रूट डायवर्जन; निजी वाहनों पर विधिक प्रतिबंध

यातायात व्यवस्था को पूरी तरह जाम-मुक्त रखने के लिए भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी विधिक पाबंदियां लगाई गई हैं। प्रशासन द्वारा लागू किए गए विशेष ट्रैफिक प्लान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • भारी वाहनों पर रोक: कैंची धाम की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश विधिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

  • येलो स्टीकर व्यवस्था: स्थानीय और आवश्यक सेवाओं के वाहनों के व्यवस्थित संचालन के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष ‘येलो स्टीकर’ (Yellow Sticker) पास जारी किए हैं।

  • मल्टी-सिटी शटल रूट्स: निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर से कई किलोमीटर पहले निर्धारित मुख्य विधिक पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है। वहां से कैंची धाम तक पहुंचाने के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली, सैनिटोरियम, खैरना और अल्मोड़ा से विशेष नॉन-स्टॉप शटल बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बिंदुखत्ता में भाजपा महिला मोर्चा की 'टिफिन बैठक': 'कम तेल की थाली, स्वस्थ भारत की खुशहाली' अभियान का संकल्प; भाजपा नेता देवेंद्र बिष्ट बोले— स्वस्थ परिवार से ही बनेगा विकसित भारत

धैर्य बनाए रखें और विधिक नियमों का पालन करें: एसएसपी

मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था की विधिक प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं के नाम एक आधिकारिक विधिक संदेश जारी करते हुए अपील की:

“कैंची धाम मेला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी धार्मिक साख का प्रतीक है। अत्यधिक भीड़ होने के कारण लाइनों में दर्शनार्थियों को कुछ समय लग सकता है, अतः सभी श्रद्धालु धैर्य बनाए रखें। यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद पुलिस बल का विधिक सहयोग करें, ताकि सभी को बाबा नीब करौरी महाराज के सुगम और सुरक्षित दर्शन प्राप्त हो सकें।”

मेला प्रशासन के अनुसार, सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों के माध्यम से मुख्य नियंत्रण कक्ष से पूरी घाटी की विधिक निगरानी की जा रही है, और प्राथमिक स्वास्थ्य शिविरों व पेयजल लाइनों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में प्री-मानसून की आक्रामकता से बढ़ी चिंता: 25 जून तक पहुंचेगा मानसून, कुल वर्षा 5 से 8% कम रहने का अनुमान; विशेषज्ञों ने दी कम समय में भारी बारिश की चेतावनी
Ad