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राजस्व गांव के आंदोलन के बीच मना मोहन बिष्ट का जन्मदिन, क्षेत्रवासियों ने मांगा ‘राजस्व गांव’ का रिटर्न गिफ्ट

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लालकुआं में आंदोलन के बीच जन्मदिन के कार्यक्रमों की धूम, बिंदुखत्ता के ग्रामीणों की नजर अब सरकार के फैसले पर

राजू अनेजा,लालकुआं। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में एक तरफ विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट का जन्मदिन सेवा और जनकल्याण के कार्यक्रमों के साथ मनाया गया, तो दूसरी तरफ बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहा। ऐसे में विधायक के जन्मदिन पर क्षेत्र की सियासत में एक नया सवाल भी चर्चा में रहा—क्या इस बार क्षेत्रवासियों को जन्मदिन के ‘रिटर्न गिफ्ट’ में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलेगा?

लालकुआं, हल्दूचौड़, मोटाहल्दू, गोरापड़ाव, गोलापार, बिंदुखत्ता और चोरगलिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विधायक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए।

हल्दूचौड़ में रक्तदान शिविर में 153 यूनिट रक्तदान हुआ, जबकि लालकुआं में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 200 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच किए जाने की जानकारी सामने आई। जरूरतमंदों को दवाइयां और आर्थिक सहायता भी वितरित की गई।

 

लेकिन बिंदुखत्ता में सवाल अलग है…

जन्मदिन के इन आयोजनों के बीच बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की मांग को लेकर आंदोलन का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। वर्षों से चली आ रही इस मांग को लेकर ग्रामीण लगातार सरकार से निर्णायक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

यही वजह है कि विधायक के जन्मदिन पर क्षेत्र की राजनीतिक चर्चा में एक सवाल तेजी से उभरा—

 

“बधाइयां तो बहुत मिलीं, अब जनता को रिटर्न गिफ्ट कब मिलेगा?”

और इस रिटर्न गिफ्ट की मांग कोई सामान्य तोहफा नहीं, बल्कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की अधिसूचना है।

केक कट गया, अब अधिसूचना कब कटेगी?

 

विधायक के समर्थकों ने जन्मदिन पर सेवा कार्यक्रमों के जरिए जनसरोकार का संदेश दिया। लेकिन बिंदुखत्ता के आंदोलनकारियों के लिए असली सवाल रक्तदान शिविर या जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी मांग का समाधान है।

ग्रामीणों की नजर अब सरकार और शासन के अगले कदम पर टिकी है।

जन्मदिन पर केक कट गया, रक्तदान भी हो गया—अब सवाल यह है कि बिंदुखत्ता के राजस्व गांव बनने की अधिसूचना कब जारी होगी?

2027 की सियासत से पहले बड़ा सवाल

 

लालकुआं विधानसभा में 2027 की राजनीतिक हलचल भी धीरे-धीरे तेज हो रही है। ऐसे में बिंदुखत्ता का राजस्व गांव आंदोलन मौजूदा विधायक के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

जन्मदिन के आयोजनों ने समर्थकों की सक्रियता जरूर दिखाई, लेकिन आने वाले समय में विधायक की राजनीतिक परीक्षा इस बात से भी होगी कि बिंदुखत्ता जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों पर सरकार से निर्णायक फैसला कराने में उनकी भूमिका कितनी प्रभावी रहती है।

फिलहाल लालकुआं में जन्मदिन के जश्न के साथ जनता का सवाल भी गूंज रहा है—

 

“मोहन जी, जन्मदिन की बधाई तो दे दी…अब रिटर्न गिफ्ट में राजस्व गांव कब?”

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