उत्तराखंड में यूनिफार्म सिविल कोड का मुस्लिम सेवा संगठन ने किया विरोध

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 6 फरवरी को विधानसभा सत्र में यूसीसी पटल पर रहने वाले हैं। विधानसभा से पास होने के बाद जल्द ही यह कानून बन जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ यूसीसी का विरोध भी तेज हो गया है। यूनिफार्म सिविल कोड के विरोध में देहरादून के पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद में मुस्लिम सेवा संगठन ने एक प्रेस वार्ता की, जिसकी अध्यक्षता शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने की।

यह भी पढ़ें 👉  2016 के UKSSSC भर्ती घोटाले में पूर्व सीएम हरीश रावत से ईडी की 6 घंटे पूछताछ, रावत बोले- 'चुनाव से घबराई बीजेपी का राजनीतिक प्रपंच'

शहर काजी मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि यूसीसी केवल धर्म विशेष के विरुद्ध है। इसमें मुस्लिम समाज द्वारा दिए गई आपत्तियों तथा मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए सुझावों को कोई जगह नहीं दी गई है।

इस अवसर पर मुफ्ती रईस ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लाया जाने वाला यह कानून संविधान के विरुद्ध भी है। आर्टिकल 25 के तहत हर धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अपने धर्म पर चलने की आजादी है।

यह भी पढ़ें 👉  2016 के UKSSSC भर्ती घोटाले में पूर्व सीएम हरीश रावत से ईडी की 6 घंटे पूछताछ, रावत बोले- 'चुनाव से घबराई बीजेपी का राजनीतिक प्रपंच'

मुफ्ती रईस ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा संविधान में संशोधन करने के बाद ही यूसीसी लागू किया जा सकता है, वरना दो कानून आपस में टकराएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  2016 के UKSSSC भर्ती घोटाले में पूर्व सीएम हरीश रावत से ईडी की 6 घंटे पूछताछ, रावत बोले- 'चुनाव से घबराई बीजेपी का राजनीतिक प्रपंच'

मुफ्ती ने कहा जो कानून समस्त धर्म के लिए है उसमें समस्त धर्मों का प्रतिनिधित्व न होना इस कानून को संदेहपरक बनाता है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad