पिता की राजनीतिक विरासत को हासिल करने के लिए नंदन ने कांग्रेस से ठोकी ताल, 9 साल से भाजपा के कब्जे में है दुर्गापाल का दुर्ग

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राजू अनेजा, लालकुआं।उत्तराखंड की वीआईपी मानी जाने वाली लालकुआं विधानसभा सीट पर चुनावी आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। पिछले नौ वर्षों से इस सीट पर काबिज भाजपा जहां हैट्रिक लगाने की तैयारी में जुटी है, वहीं कांग्रेस खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल के पुत्र और युवा कांग्रेस नेता नंदन दुर्गापाल ने अपने पिता के राजनीतिक गढ़ को भाजपा के कब्जे से मुक्त कराने का बिगुल फूंक दिया है।

पिता की राजनीतिक विरासत संभालने को मैदान में उतरे नंदन
लालकुआं की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले हरिश्चंद्र दुर्गापाल के बाद अब उनके पुत्र नंदन दुर्गापाल सक्रिय रूप से चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। क्षेत्र में समाजसेवा और जनसंपर्क के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी में अन्य कई दावेदार हैं लेकिन कांग्रेस के दावेदारों के बीच नंदन का नाम एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आ रहा है।

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भाजपा पर साधा निशाना, कहा—सिर्फ सपने दिखाए

नंदन दुर्गापाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का सपना दिखाकर भाजपा ने जनता से वोट तो ले लिए, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह वादा अधूरा ही है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं हुईं, धरातल पर काम नदारद है।

नगरपालिका बनाकर रखी थी विकास की नींव

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नंदन ने कहा कि उनके पिता हरिश्चंद्र दुर्गापाल ने अपने कार्यकाल में बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनाकर विकास की मजबूत नींव रखी थी, लेकिन भाजपा ने दोहरी नीति अपनाकर जनता को बरगला  नगरपालिका के खिलाफ खड़ा कर दिया उसके बाद ना नगर पालिका बनी और ना ही राजस्व गांव।

उन्होंने कहा कि जनता की असली जरूरत विकास है, चाहे वह नगरपालिका के रूप में हो या राजस्व गांव के रूप में।

 

मालिकाना हक के मुद्दे पर भी घेरा

लालकुआं में मालिकाना हक के मुद्दे को लेकर भी नंदन ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उनका आरोप है कि मालिकाना हक की प्रक्रिया शुरू तो की गई, लेकिन बाद में महंगे सर्किल रेट लगाकर पूरे मामले को उलझा दिया गया।

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कांग्रेस की सरकार आई तो मिलेगा हक

नंदन दुर्गापाल ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर लालकुआं के हर परिवार को उसकी जमीन पर मालिकाना हक दिलाया जाएगा और वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान किया जाएगा।

अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस वीआईपी सीट से किसे मैदान में उतारता है, लेकिन इतना तय है कि Lalkuan की सियासी जंग इस बार बेहद गर्म और कांटे की होने वाली है।

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