उत्तराखंड में कुदरत का कहर: ओलावृष्टि और आंधी से सेब के बागान तबाह; कटी फसलें बर्बाद, मसूरी में सफेद चादर देख चहके पर्यटक

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम के बदले मिजाज ने एक ओर जहां पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दूसरी ओर काश्तकारों और बागवानों के लिए यह कुदरत का कहर बनकर टूटा है। उत्तरकाशी से लेकर मसूरी तक शनिवार, 4 अप्रैल को हुई भारी ओलावृष्टि और बारिश ने करोड़ों की फसलों को तबाह कर दिया है।

यहाँ इस प्राकृतिक आपदा और उसके प्रभाव पर आधारित विस्तृत समाचार रिपोर्ट दी गई है:

उत्तरकाशी/मसूरी (5 अप्रैल 2026): देवभूमि में शनिवार को हुए मौसम परिवर्तन ने बागवानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उत्तरकाशी के धारी कफनौल क्षेत्र में भीषण ओलावृष्टि हुई है, जबकि मसूरी में बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

1. उत्तरकाशी: सेब के ‘फ्लावरिंग’ सीजन पर ओलों की मार

उत्तरकाशी जिले के पल्ली मुंगरसन्ति और धारी कफनौल क्षेत्र में शनिवार को हुई ओलावृष्टि सेब बागवानों के लिए किसी बुरे सपने जैसी रही:

  • फसल को नुकसान: इस समय बागानों में सेब की ‘फ्लावरिंग’ (फूल आने का समय) चल रही है। ओलों के गिरने से नाजुक फूल झड़ गए हैं, जिससे इस साल पैदावार गिरना तय है। सेब के साथ-साथ आड़ू, प्लम और खुमानी की फसल को भी भारी क्षति पहुँची है।

  • फटी जालियां, टूटी टहनियां: तेज आंधी और ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सेब की सुरक्षा के लिए लगाई गई एंटी-हेल नेट (जालियां) तक फट गईं और कई पेड़ों की टहनियां टूट गईं।

  • सब्जियां भी बर्बाद: बागवानों के साथ-साथ किसानों की गेहूं, टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन, प्याज और लहसुन की फसलें भी ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  भीमताल: गुलदार ने महिला को बनाया अपना शिकार; जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव

2. बागवानों की पुकार: “मुआवजा दे सरकार”

स्थानीय बागवान कपिल रतूड़ी, विनोद रतूड़ी और गोपाल भंडारी सहित अन्य ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि कृषि एवं उद्यान विभाग की टीम जल्द मौके पर पहुँचकर नुकसान का सर्वे करे। बागवानों का कहना है कि सेब की खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा है और इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए उचित मुआवजे की सख्त जरूरत है।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर: रिंग रोड पर दर्दनाक हादसा; सड़क के बीच रखे बैरियर से टकराई बाइक, 32 वर्षीय युवक की मौत

3. मसूरी: पर्यटकों के लिए जश्न, स्थानीय लोगों के लिए परेशानी

पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट बदली:

  • सफेद चादर: जोरदार बारिश और ओलावृष्टि के बाद माल रोड पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटक इस नजारे को देखकर उत्साहित नजर आए और उन्होंने इस पल को कैमरों में कैद किया।

  • कड़ाके की ठंड: ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को अप्रैल के महीने में भी भारी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं: रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला; ढलान पर 150 मीटर तक बिना इंजन दौड़ा गार्ड डिब्बा, पटरी से उतरकर रुका

4. मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’

मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार:

  • अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

  • प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad