हल्द्वानी: सरकारी शिक्षकों के लिए ‘मिशन मोड’ में होगा नया सत्र; गर्मी की छुट्टियों से पहले 30% कोर्स पूरा करने की चुनौती
हल्द्वानी (15 मार्च 2026): शिक्षा विभाग ने इस वर्ष संभावित व्यस्तताओं को देखते हुए शिक्षकों को पाठ्यक्रम प्रबंधन (Course Management) दुरुस्त करने के मौखिक निर्देश दिए हैं। विभाग का मानना है कि इस साल शिक्षण दिवस (Teaching Days) काफी कम मिल सकते हैं।
1. 222 के बजाय 150 दिन ही पढ़ाई की उम्मीद!
आमतौर पर स्कूलों में साल भर में न्यूनतम 222 दिन पढ़ाई का प्रावधान है, लेकिन इस वर्ष कई बड़े कार्यों के कारण यह घटकर 150 दिन से भी कम रह सकता है:
-
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR): अप्रैल से इसकी प्रक्रिया प्रस्तावित है।
-
जनगणना (Census): बहुप्रतीक्षित जनगणना का कार्य शुरू होने वाला है।
-
निर्वाचन (Election): अगले वर्ष होने वाले चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू हो रही हैं।
इन सभी कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगना तय माना जा रहा है।
2. राहत की खबर: समय से पहले पहुँची किताबें
पिछले वर्षों के विपरीत, इस बार किताबों का इंतजार लंबा नहीं होगा। राजपुरा स्थित जिला वितरण केंद्र में कक्षा 1 और 2 की पुस्तकें सत्र शुरू होने से पहले ही पहुँच गई हैं:
-
कक्षा 1: सारंगी, मृदंग (2500-2500) और आनंदमय गणित (2400)।
-
कक्षा 2: सारंगी, मृदंग (1700-1700) और आनंदमय गणित (1600)।
सत्र शुरू होते ही (1 अप्रैल) बच्चों के हाथों में किताबें होंगी, जिससे पढ़ाई तुरंत गति पकड़ सकेगी।
3. शिक्षकों की मांग: “पढ़ाई के अलावा अन्य कामों से मुक्त रखें”
शिक्षक संगठनों ने अपनी चिंताओं से अधिकारियों को अवगत कराया है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी और प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला मंत्री डिकर सिंह पडियार का कहना है कि:
-
शिक्षक मेहनत करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें लिपिकीय कार्य और बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखा जाए।
-
यदि जनगणना और निर्वाचन के अलावा अन्य अतिरिक्त कार्यों का बोझ न हो, तो कोर्स समय पर पूरा करना संभव है।
Snapshot: नया शैक्षणिक सत्र 2026-27
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| सत्र प्रारंभ | 1 अप्रैल 2026 |
| निर्धारित लक्ष्य | गर्मी की छुट्टियों से पहले 30% पाठ्यक्रम पूर्ण करना |
| संभावित व्यवधान | जनगणना, चुनाव तैयारी और SIR ड्यूटी |
| सकारात्मक बदलाव | मार्च में ही किताबों की सप्लाई शुरू |
| अनुमानित शिक्षण दिवस | < 150 दिन |
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) जीआर जायसवाल के अनुसार, शिक्षकों को स्पष्ट कहा गया है कि वे पाठ्यक्रम का प्रबंधन इस तरह करें कि अनिवार्य राष्ट्रीय कार्यों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

