शेयर ट्रेडिंग के नाम पर हुई करोड़ों रुपए की ठगी का पुलिस ने किया भंडाफोड़ गदरपुर से दबोचा मुख्य आरोपी

खबर शेयर करें -

राजू अनेजा, रुद्रपुर। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24.70 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने गदरपुर के ग्राम वमनपुरी निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी के बैंक खातों में महज चार–पांच माह में करोड़ों के लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिससे इस गिरोह के बड़े नेटवर्क की आशंका गहराने लगी है।

व्हाट्सएप ग्रुप बना जाल, फर्जी एप से दिखाया मुनाफा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऊधम सिंह नगर निवासी एक व्यक्ति ने दिसंबर 2025 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़ित को अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच व्हाट्सएप पर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग से जुड़े मैसेज मिले।
आरोपी खुद को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देता था। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें कथित लाभ के स्क्रीनशॉट शेयर किए जाते थे। ग्रुप में मौजूद अन्य लोग भी मुनाफा मिलने का दावा करते, जिससे भरोसा मजबूत होता गया।
झांसे में आए पीड़ित ने 24.70 लाख रुपये निवेश कर दिए। मुनाफा दिखाने के लिए आरोपी एक फर्जी एप का इस्तेमाल करता था, जिसके डैशबोर्ड पर निवेश राशि को भारी लाभ के साथ दर्शाया जाता था। जब रकम निकालने की बारी आई तो सच्चाई सामने आ गई।
डिजिटल साक्ष्यों से पहुंची पुलिस आरोपी तक
मामले की विवेचना निरीक्षक धीरेन्द्र पंत के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने की। जांच के दौरान प्रयुक्त बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप, गूगल और फर्जी वेबसाइट से संबंधित डेटा बैंक, सर्विस प्रदाता कंपनियों और मेटा से पत्राचार कर प्राप्त किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वमनपुरी बकैनिया, गदरपुर निवासी मलकीत सिंह पुत्र बचन सिंह का नाम सामने आया। रविवार को पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें 👉  पति से मिलने आई महिला के साथ गैंगरेप; ऑटो चालक और होटल मैनेजर समेत 3 गिरफ्तार, क्षेत्र के 7 होटल मालिक भी रडार पर

बरामदगी ने खोले कई राज

आरोपी के कब्जे से—
घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल
ठगी के पैसों से खरीदा गया मोबाइल
डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड
केनरा बैंक की पासबुक व चेक बुक
एक्सिस बैंक, यस बैंक की चेक बुक
एसबीआई की तीन चेक बुक
830 रुपये नकद
बरामद किए गए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
करोड़ों का लेनदेन, कई राज्यों में शिकायतें
पूछताछ में सामने आया कि जिन बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध में हुआ, उनमें चार–पांच माह के भीतर करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। आरोपी के खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने संबंधित राज्यों से समन्वय शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर: दुकान तोड़ने की 'झूठी सूचना' देकर बुलाया और फिर लाठी-डंडों से किया जानलेवा हमला; दूधिया मंदिर के पास दो पक्षों में खूनी संघर्ष

सतर्क रहें, वरना अगला नंबर आपका

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी अनजान लिंक, एप या ग्रुप के झांसे में आकर धनराशि निवेश न करें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में दें।
साइबर ठग तकनीक के सहारे नए-नए जाल बुन रहे हैं, लेकिन इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं।