
बाजपुर (ऊधम सिंह नगर), 20 जून 2026: बाजपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शादी का झांसा देकर एक युवती का पिछले तीन वर्षों से कथित रूप से शारीरिक शोषण (दुष्कर्म) करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता द्वारा शादी का दबाव बनाने पर आरोपी न सिर्फ वादे से मुकर गया, बल्कि उसके परिजनों के साथ मिलकर युवती के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस प्रशासन ने पीड़िता की विधिक तहरीर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
विश्वास में लेकर 3 वर्ष तक बनाए शारीरिक संबंध; शादी की बात पर मुकरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत खैकी बन्नाखेड़ा क्षेत्र के एक गांव की निवासी २६ वर्षीय युवती ने पुलिस को लिखित विधिक तहरीर सौंपकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया:
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झांसा देकर शोषण: गांव के ही एक युवक ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और जल्द ही शादी करने का अटूट भरोसा देकर पिछले तीन साल से लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
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मारपीट और धमकी: हाल ही में जब युवती ने उस पर विवाह करने का विधिक व सामाजिक दबाव बनाया, तो युवक अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो युवक और उसके परिजनों (स्वजनों) ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने युवती को जान से मारने का प्रयास किया और विधिक कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की लगातार धमकियां देते रहे।
प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी ‘मन्नू’ को दबोचा
युवती के साथ हुए इस गंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और संगीन विधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी के निर्देशन में पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश में दबिश दी गई।
प्रभावी सुरागकसी और विधिक दबिश के चलते पुलिस टीम ने नामजद आरोपी प्रताप सिंह उर्फ मन्नू (पुत्र शेर सिंह) को क्षेत्र से ही गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
न्यायालय ने भेजा जेल; अग्रिम विधिक विवेचना जारी
पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं और चिकित्सीय परीक्षण पूरा करने के बाद आरोपी प्रताप सिंह उर्फ मन्नू को विधिक रूप से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को १४ दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के विधिक आदेश जारी कर दिए।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और गहन विधिक विवेचना (जांच) की जा रही है। पीड़िता के विधिक बयान (धारा १८३ बीएनएस के तहत) न्यायालय में दर्ज कराए जा रहे हैं और घटनास्थल के साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोप पत्र (चार्जशीट) जल्द ही माननीय न्यायालय में प्रेषित किया जाएगा।
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