हल्द्वानी से राजनाथ सिंह का हुंकार: “धामी केवल ‘धाकड़’ नहीं, अब ‘धुरंधर’ हैं”; पूर्व सैनिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया जोर
हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आज शनिवार, 21 मार्च 2026 को धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित भव्य “विकास महाकुंभ” में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर पीठ थपथपाई। रक्षा मंत्री ने न केवल सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि मुख्यमंत्री धामी को नए उपनामों से नवाजते हुए उन्हें ‘धुरंधर धामी’ की संज्ञा दी।
यहाँ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के मुख्य बिंदु और सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत सारांश दिया गया है:
1. मुख्यमंत्री धामी की नई पहचान: ‘धाकड़’ से ‘धुरंधर’
रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा:
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चुनावी भविष्यवाणी: राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान ही कह दिया था कि जीत सुनिश्चित है।
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नया संबोधन: उन्होंने कहा, “पुष्कर सिंह धामी कोई साधारण धामी नहीं, बल्कि ‘धाकड़’ धामी हैं। और अब उनके चार साल के बेमिसाल कार्यों को देखते हुए उन्हें ‘धुरंधर’ धामी के नाम से जाना जाना चाहिए।”
2. पूर्व सैनिकों और वीरों का सम्मान
रक्षा मंत्री, जो स्वयं सैन्य मामलों के प्रमुख हैं, ने उत्तराखंड को ‘वीरभूमि’ बताते हुए बड़ी घोषणाओं का जिक्र किया:
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आर्थिक सहायता में भारी वृद्धि: परमवीर चक्र विजेताओं के लिए अनुग्रह राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधा 1.5 करोड़ रुपये करने के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की।
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OROP का लाभ: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की मांग पूरी होने और शहीदों के परिवारों को दिए जा रहे आरक्षण व वित्तीय मदद पर संतोष व्यक्त किया।
3. ‘ऑल-वेदर रोड’ और धार्मिक पवित्रता
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कनेक्टिविटी: चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्र द्वारा विकसित की जा रही ‘ऑल-वेदर रोड’ को स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
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अतिक्रमण पर प्रहार: रक्षा मंत्री ने अवैध प्रवासन और अतिक्रमण के खिलाफ धामी सरकार के सख्त रुख का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि राज्य में 10 हजार से ज्यादा अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं, जिससे देवभूमि की पवित्रता सुरक्षित हुई है।
4. वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद (ईरान-इजरायल विवाद का संदर्भ)
पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल-अमेरिका) में चल रहे युद्ध के बीच राजनाथ सिंह ने भारत की कूटनीति पर बात की:
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संवाद ही समाधान: उन्होंने दोहराया कि भारत का मानना है कि समाधान युद्ध से नहीं, बल्कि कूटनीति और बातचीत से निकलता है।
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बदली हुई छवि: “आज जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है, तो पूरी दुनिया कान लगाकर सुनती है। यह मोदी जी के नेतृत्व में बदलते भारत की तस्वीर है।”
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ऊर्जा संकट की चेतावनी: उन्होंने आगाह किया कि वैश्विक संघर्ष से भविष्य में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है, लेकिन भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
Snapshot: राजनाथ सिंह के संबोधन के 5 मुख्य स्तंभ
| स्तंभ | मुख्य बिंदु |
| सैन्य कल्याण | परमवीर चक्र विजेताओं को ₹1.5 करोड़ की मदद; OROP का प्रभावी क्रियान्वयन। |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | ऑल-वेदर रोड से पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा। |
| डेमोग्राफी सुरक्षा | 10,000+ अवैध अतिक्रमण हटाए गए; अवैध प्रवासियों पर ‘नो टॉलरेंस’। |
| महिला सशक्तिकरण | UCC और अन्य नीतियों के माध्यम से महिलाओं को मुख्यधारा में लाना। |
| वैश्विक स्थिति | युद्ध के दौर में भारत की कूटनीति और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता। |

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