हल्द्वानी: भदयुनी गांव में युवक को अपना निवाला बनाने वाले आदमखोर गुलदार को पकड़ने में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। रविवार देर रात करीब 1:30 बजे घटनास्थल के पास ही लगाए गए पिंजरे में एक नर गुलदार फंस गया। विभाग को प्रबल संदेह है कि यही वह गुलदार है जिसने कमल सिंह बिष्ट पर हमला किया था। हालांकि, विभाग अब तक दो गुलदारों को पकड़ चुका है, और अब विज्ञान (WII) तय करेगा कि असली गुनहगार कौन है।
कैमरा ट्रैप और शारीरिक बनावट से हुई पहचान
पकड़े गए दूसरे गुलदार की उम्र लगभग 11-12 साल बताई जा रही है। वन अधिकारियों के अनुसार, इस गुलदार का एक दांत टूटा हुआ है, जो अक्सर वन्यजीवों के आदमखोर होने का कारण बनता है। विभाग ने कैमरा ट्रैप में कैद तस्वीरों और पकड़े गए गुलदार की धारियों का मिलान किया है, जिसमें काफी समानता पाई गई है। इस गुलदार के सैंपल भी जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) देहरादून भेज दिए गए हैं। इससे पहले 28 अप्रैल को मनोरा रेंज से भी एक गुलदार पकड़ा गया था।
दोषी को सलाखों के पीछे, निर्दोष को मिलेगी आजादी
बता दें कि 24 अप्रैल को भदयुनी निवासी कमल सिंह बिष्ट का शव जंगल में मिलने के बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल था। वन विभाग ने हमलावर को पकड़ने के लिए पांच पिंजरे लगाए थे। अब पकड़े गए दोनों गुलदारों का भविष्य WII की रिपोर्ट पर निर्भर है। यदि रिपोर्ट में पुष्टि होती है कि हमलावर गुलदार पकड़ा गया है, तो उसे आजीवन कैद (रेस्क्यू सेंटर) में भेज दिया जाएगा। वहीं, जो गुलदार निर्दोष पाया जाएगा, उसे मानवीय बस्तियों से दूर सुरक्षित घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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