देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए भविष्य की रणनीति और रोडमैप तैयार करने के लिए दूसरी बार एक बड़े चिंतन शिविर का आयोजन करने जा रही है। नैनीताल स्थित उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में 11 से 13 सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में राज्य के तमाम बड़े ब्यूरोक्रेट्स और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मुख्य विषय और प्रतिभागी
इस बार चिंतन शिविर का मुख्य विषय “Socio-economic progress and future goals” (सामाजिक-आर्थिक प्रगति और भविष्य के लक्ष्य) होगा। इसमें शासन के सभी आईएएस अधिकारी, जिलाधिकारियों के साथ-साथ नीति आयोग के विशेषज्ञ और उद्योग जगत के लोग भी हिस्सा लेंगे। शिविर में शहरों के विकास, ग्रामीण उद्यमिता, पलायन रोकने, पर्यटन, युवाओं के कौशल विकास और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
तीन चरणों में बनेगी रणनीति
शिविर में तीन तरह की रणनीतियाँ तैयार की जाएंगी:
- अल्पकालिक योजना: अगले 6 महीने की रणनीति।
- मध्यकालीन योजना: 6 महीने से 2 साल तक की कार्ययोजना।
- दीर्घकालिक योजना: 2 से 5 साल के रोडमैप।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में सभी अधिकारी और जिलाधिकारी अपनी-अपनी कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देंगे। खास बात यह है कि बेहतरीन प्रस्तुति देने वाले शीर्ष तीन जिलों और दो थीम आधारित समूहों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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