घूंघट की आड़ में कर डाला ऐसा काम, छम्मी ने हिलाकर रख दिया पूरा पुलिस महकमा

राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक केस की जैसे-जैसे परतें उधड़ रही है वैसे-वैसे इसमें चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. दो दिन पहले जोधपुर रेंज पुलिस की ओर से पकड़े इनामी पेपर लीक माफियाओं को जांच एजेंसी ने कोर्ट में पेशकर 7 जुलाई तक रिमांड पर लिया है.
ओमप्रकाश और सुनील को हैदराबाद से पकड़ा गया है. जबकि शम्मी उर्फ छम्मी को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है. जांच एजेंसी इनसे पूछताछ में जुटी है. पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के खुलासे ने पूरे राजस्थान में हड़कंप मचा रखा है.
जांच एजेंसी एसओजी के मुताबिक शम्मी उर्फ छम्मी सरकारी स्कूल में टीचर है. वह सांचौर जिले की रहने वाली है. छम्मी पेपर लीक माफियाओं के गैंग में शामिल थी. उसने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से पहले एक अभ्यर्थी को लीक किया गया पेपर पढ़ाया था. वह अभ्यर्थी अभी ट्रेनिंग कर रहा था. पुलिस ने सुरागों के आधार पर इन आरोपियों को पकड़ने के लिए 3 महीने तक हैदराबाद और यूपी में विशेष ऑपरेशन चलाए थे.
गो यात्रा में आरती करते हुए नजर आई छम्मी
इनमें छम्मी को पकड़ने के लिए उत्तरप्रदेश के मथुरा और बरसाना में ऑपरेशन चलाया गया था. इसमें छम्मी की एक रिश्तेदार बहन के जरिये पुलिस को उसका क्लू मिला था. पुलिस को पता चला कि फरारी के दौरान छम्मी बिश्नोई मीरा और कृष्ण की भक्त हो गई है. ऐसे में पुलिस टीम को श्रद्धालु बनाकर बरसाना और मथुरा के मंदिरों में भेजा गया. पुलिस के हाथ एक ऐसा वीडियो भी लगा जिसमें छम्मी एक गो यात्रा में आरती करते हुए नजर आ गई. बस वहीं पुलिस ने श्रद्धालु बनकर छम्मी को पकड़ा.
तीनों आरोपियों पर था इनाम घोषित
इनमें ओमप्रकाश ढाका पर 75 हजार रुपये का इनाम था. शम्मी उर्फ छम्मी बिश्नोई पर 70 हजार रुपये का और सुनील पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था. ओमप्रकाश और सुनील हैदराबाद में किराए का कमरा लेकर फरारी काट रहे थे. उनको वहां से पकड़ा गया है. पेपर लीक माफियाओं को पकड़ने की यह पूरी कार्रवाई जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार के निर्देशन में की गई. इससे पहले राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा में दर्जनों ट्रेनी थानेदारों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
एसआईटी कर रही है पूरे मामले की जांच
राजस्थान में भजनलाल सरकार ने सत्ता में आने के बाद पेपर लीक केस की जड़ें खोदने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. इसकी कमान एडीजी वीके सिंह को सौंपी गई थी. पेपर लीक केस की जांच के दौरान ही राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का खुलासा हुआ था. उसके बाद पेपर लीक माफियाओं के साथ ही नकल कर थानेदार बने कई ट्रेनी थानेदारों की गिरफ्तारियां की गई.

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