
हवालबाग (अल्मोड़ा), 10 जून 2026। उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ के तहत आयोजित तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। अल्मोड़ा के हवालबाग में आयोजित इस कैंप का मुख्य उद्देश्य स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करना और उन्हें स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस बूट कैंप में अल्मोड़ा और बागेश्वर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
कैंप के तीसरे और अंतिम दिन विद्यार्थियों के इनोवेटिव बिजनेस आइडियाज को एक-एक कर सुना गया और उन्हें विशेषज्ञों द्वारा जरूरी मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान EDII अहमदाबाद के डॉ. अश्वनी तिवारी, मानिला महाविद्यालय के डॉ. जितेंद्र प्रसाद, बागेश्वर डिग्री कॉलेज की नोडल डॉ. सुनीता आर्य और राजकीय महाविद्यालय कपकोट के नोडल अधिकारियों ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के परियोजना अधिकारियों ने युवाओं को महत्वपूर्ण व्यावसायिक गुर सिखाए; जिसमें चमोली व रुद्रप्रयाग के परियोजना अधिकारी विनोद नेगी ने केंद्र व राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं और कानूनी पहलुओं की जानकारी दी, नैनीताल के परियोजना अधिकारी भूपेंद्र मेहरा ने वित्त व उत्पाद लागत की बारीकियां समझाईं, और अल्मोड़ा व बागेश्वर के परियोजना अधिकारी महेंद्र सिंह रौतेला ने डिजाइनिंग व पैकेजिंग के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, राज्यभर में आयोजित हो रहे इन बूट कैंपों के उत्कृष्ट और सफल प्रतिभागियों का चयन आगामी छह दिवसीय ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ (EDP) के लिए किया जाएगा। इसका अंतिम लक्ष्य कॉलेज की शिक्षा पूरी होने के बाद युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। युवाओं में उद्यमशीलता की भावना जगाने और राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में इस बूट कैंप को एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समापन के बाद सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्रों के साथ विदा किया गया।
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