लालकुआं का चुनावी दंगल: कद्दावर चेहरों की लंबी फेहरिस्त के बीच ‘जनता के दिल की पसंद’ पर टिकी निगाहें

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लालकुआं:

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक पारा चढ़ने लगा है। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में इस बार मतदाताओं के बीच जमीनी पकड़, निरंतर जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले प्रत्याशियों की मांग सबसे ऊपर है। वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य, चौराहों और चौपालों पर चल रही जनभावनाओं को देखते हुए इस हॉट सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कमलेश चंदोला और कांग्रेस से हेमवती नंदन दुर्गापाल सबसे मजबूत और विश्वसनीय प्रत्याशी के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं।

कमलेश चंदोला और दुर्गापाल की जमीनी पकड़ बनी ताकत

राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले चुनाव के उतार-चढ़ाव को देखते हुए इस बार दोनों ही प्रमुख दल बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।

  • भाजपा की ओर से: संगठन स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले भाजपा नेता कमलेश चंदोला लगातार क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं के बीच अपनी खास लोकप्रियता और निरंतर जनसंपर्क के बल पर वे पार्टी के भीतर टिकट के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

  • कांग्रेस की ओर से: वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल की क्षेत्र में गहरी जमीनी पकड़ है। किसानों, मजदूरों और बुजुर्गों के बीच उनकी बेदाग व साफ छवि और पारिवारिक राजनैतिक अनुभव कांग्रेस पार्टी के लिए इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा जरिया बनता दिख रहा है।

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सरल और ईमानदार स्वभाव के बीच महामुकाबले के आसार

यदि चुनाव में ये दोनों चेहरे आमने-सामने होते हैं, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होना तय है। अलग-अलग विचारधारा और पार्टी से होने के बावजूद, क्षेत्र की जनता के बीच दोनों ही नेता अपने बेहद सरल, शालीन और ईमानदार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय जनता की पहली पसंद में इन दोनों ही नेताओं का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।

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स्थानीय मुद्दे ही तय करेंगे जीत का सिंकदर

लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के कई ऐसे मुख्य मुद्दे हैं जो इस बार चुनावी नतीजों का आधार बनेंगे। इनमें मुख्य रूप से:

  • बिंदुखत्ता को पूर्ण राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाना।

  • गोला नदी से प्रतिवर्ष होने वाले भारी भू-कटाव को रोकना।

  • स्थानीय युवाओं के लिए सिडकुल और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करना।

क्षेत्रीय जनता उसी प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुनेगी जिसके पास इन समस्याओं के समाधान का स्पष्ट विजन (खाका) होगा। फिलहाल, इन सभी बुनियादी मुद्दों पर जनता इन दोनों ही दिग्गज नेताओं पर सबसे ज्यादा भरोसा जताती नजर आ रही है।

लालकुआं विधानसभा (056) में आगामी 2027 के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अभी से तेज है। आपका यह सोचना बिल्कुल सही है कि यहाँ दोनों ही प्रमुख दलों (भाजपा और कांग्रेस) में कद्दावर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है, जिससे टिकट वितरण और मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। आगामी चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही तरफ से कई स्थानीय और बड़े चेहरे टिकट की दौड़ में हैं। कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ जैसे आयोजनों में भी दावेदारों ने समय से पहले टिकट की मांग कर अपनी ताकत दिखाई है।

वास्तव में यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा कि कौन सी पार्टी गुटबाजी से ऊपर उठकर जनता के बीच लोकप्रिय और ‘जनता के दिल की पसंद’ वाले सही उम्मीदवार को मैदान में उतारती है। सही प्रत्याशी का चयन ही यहाँ जीत और हार का सबसे बड़ा फैक्टर साबित होगा। 
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