दूसरी शादी के मंडप में पहुंची पहली पत्नी; पुलिस के सामने जमकर हंगामा, शादी के बाद हुआ विवाद

खबर शेयर करें -

दिनेशपुर: कस्बे के एक निकटवर्ती गांव में सोमवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब एक युवक की दूसरी शादी के दौरान उसकी पहली पत्नी पुलिस बल के साथ मौके पर धमक पड़ी। महिला का आरोप था कि उसका पति उसे बिना तलाक दिए गैर-कानूनी तरीके से दूसरा विवाह रचा रहा है।


🚨 मंडप में पुलिस की एंट्री, पर तब तक हो चुकी थी शादी

गदरपुर माजरा हसन निवासी एक महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला की मांग थी कि उसके पति की दूसरी शादी को तुरंत रुकवाया जाए।

  • पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही महिला एसआई सोनिका जोशी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।

  • देर से पहुँची मदद: पुलिस के विवाह स्थल पर पहुँचने से पहले ही शादी की रस्में पूरी हो चुकी थीं और विवाह संपन्न हो गया था।

यह भी पढ़ें 👉  बनबसा: सैन्य सम्मान के साथ शारदा घाट पर दी जाएगी हवलदार हरीश चंद को अंतिम विदाई; शादी की खुशियां मातम में बदलीं

🗣️ पक्षाें के बीच तीखी बहस और पंचायत का तर्क

विवाह स्थल पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहसबाजी और गहमागहमी बनी रही:

  • पत्नी का दावा: बिना कानूनी तलाक (Divorce) के दूसरी शादी करना अवैध है और यह उसके अधिकारों का हनन है।

  • पति पक्ष का तर्क: आरोपित पक्ष का कहना था कि वे पिछले 6 वर्षों से अलग-अलग रह रहे हैं। उनका दावा था कि उनके बीच अलगाव का फैसला ‘पंचायत’ के माध्यम से पहले ही हो चुका है।

यह भी पढ़ें 👉  खनन ट्रक की टक्कर से मौत के बाद शव सड़क पर रख प्रदर्शन; यशपाल आर्य ने प्रशासन को घेरा

⚖️ पुलिस का फैसला और कानूनी सलाह

पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और कानूनी पहलुओं से अवगत कराया:

  1. अवैध विवाह: पुलिस ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पहली पत्नी के जीवित रहते और बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी करना अवैध की श्रेणी में आता है।

  2. न्यायालय जाने की सलाह: चूंकि शादी संपन्न हो चुकी थी, इसलिए पुलिस ने पीड़िता को संबंधित साक्ष्यों के साथ न्यायालय (Court) की शरण लेने और कानूनी रूप से मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर: स्पा सेंटरों पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल का बड़ा छापा; 10 सेंटर सील, 'बार' पर भी लगा जुर्माना

कानूनी तथ्य: पंचायत के माध्यम से हुआ ‘तलाक’ कानूनी तौर पर मान्य नहीं होता जब तक कि उसे सक्षम न्यायालय द्वारा डिक्री (Decree) न दी गई हो। पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad