हल्द्वानी: दर्जी के साथ गई युवती ने पुलिस चौकी में की माता-पिता से बदसलूकी, आहत होकर परिजनों ने छोड़ा शहर

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हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और सामाजिक विडंबना को दर्शाने वाला मामला सामने आया है। एक 19 वर्षीय युवती के अपने सिलाई सिखाने वाले दर्जी के साथ घर छोड़ने और बाद में पुलिस चौकी में अपने ही माता-पिता के साथ की गई बदसलूकी से आहत होकर परिजनों ने शहर छोड़ दिया है।

यह घटना न केवल एक पारिवारिक विघटन को दर्शाती है, बल्कि “लोकलाज” और सामाजिक दबाव के कारण एक परिवार के पलायन की पीड़ा को भी उजागर करती है।

हल्द्वानी (4 अप्रैल 2026): सब्जी का ठेला लगाकर परिवार पालने वाले एक पिता के लिए अपनी ही संतान का सार्वजनिक अपमान सहना इतना भारी पड़ा कि उन्होंने हल्द्वानी में अपनी वर्षों की जमावट छोड़कर वापस गांव जाने का फैसला किया।

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1. घटना की पृष्ठभूमि: सिलाई सीखने से शुरू हुआ सिलसिला

  • संपर्क: लगभग तीन साल पहले अमरावती कॉलोनी में एक युवक ने दर्जी की दुकान किराये पर ली थी। युवती वहाँ सिलाई सीखने जाती थी।

  • लापता: 26 फरवरी 2024 को युवती इंटर कॉलेज जाने के बहाने घर से निकली और फिर वापस नहीं लौटी। उसी दिन से दर्जी की दुकान पर भी ताला लटक गया।

  • पुलिस कार्रवाई: परिजनों ने अपहरण की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने करीब एक महीने बाद 24 मार्च को हिंदू संगठनों के दबाव में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।

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2. आरटीओ चौकी का वह ‘शर्मनाक’ वाकया

पुलिस ने 27 मार्च को युवती और दर्जी को बरामद कर लिया था, लेकिन आरटीओ चौकी के भीतर जो हुआ, उसने माता-पिता को मानसिक रूप से तोड़ दिया:

  • हिंसक व्यवहार: बरामदगी के बाद जब माता-पिता बेटी को समझाने पहुँचे, तो युवती ने दर्जी के साथ रहने की जिद करते हुए अपनी मां को थप्पड़ मार दिया।

  • बदसलूकी: युवती ने अपने पिता के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ घर लौटने से साफ इनकार कर दिया।

3. लोकलाज और पलायन का दर्द

सब्जी का ठेला लगाने वाले बेबस पिता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया:

  • सामाजिक ताने: बेटी की हरकत और फिर सार्वजनिक रूप से हुए अपमान के बाद मोहल्ले और समाज के लोगों के ताने असहनीय हो गए थे।

  • फैसला: “लोकलाज” के कारण अब हल्द्वानी की उस कॉलोनी में सिर उठाकर रहना मुमकिन नहीं था। इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी के साथ हल्द्वानी छोड़कर बरेली (उत्तर प्रदेश) स्थित अपने मूल गांव जाने का निर्णय लिया।

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