शाहजहांपुर के गांव मानपुर चचरी में एक युवक ने धारदार हथियार से अपने चार बच्चों की निर्ममता से हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मरने वाले बच्चों में तीन बेटियां और एक बेटा है।
गुरुवार को आरोपी के पिता मकान के अंदर पहुंचे तो वारदात की जानकारी हुई। अब इस हत्याकांड को लेकर तरह-तरह की चीजें बाहर आ रही हैं। खासतौर पर हत्यारे पिता को लेकर कुछ चौंकाने वाली बात सामने आ रही है।
एक दिन पहले हुआ था पति-पत्नी का झगड़ा
रोजा थाना क्षेत्र के मानपुर चचरी गांव में राजीव कठेरिया (36 वर्ष) अपनी पत्नी कांति देवी और बेटी स्मृति (13 वर्ष), कीर्ति (9 वर्ष), प्रगति (सात वर्ष) और बेटे ऋषभ (पांच वर्ष) के साथ रहता था। कांति देवी बुधवार को झगड़े के बाद बरेली के गांव करतोली स्थित अपने मायके चली गईं। घर में राजीव और चारों बच्चे थे।
चोट लगने के बाद बदल गया था राजीव का व्यवहार
पिता पृथ्वीराज ने बताया कि एक वर्ष पूर्व राजीव और उसकी पत्नी कौशल्या उर्फ कांति बाइक से गांव आ रहे थे। भावलखेड़ा सीएचसी के पास ट्रॉली से बाइक टकरा गई थी। सिर पर चोट लगने के बाद से राजीव अजीब हरकतें करने लगा था। वह अपने आप से ही बातें करता रहता था। बिना किसी बात के वह लोगों के लड़ाई कर लिया करता था। पिता के मुताबिक राजीव की शादी 15 साल पहले हुई थी। 14 साल तक सबकुछ ठीक चला। राजीव मेहनती और समझदार था। एक साल पहले उसके साथ एक्सीडेंट हो गया। सिर में चोट आई। इसके बाद वह मेंटली डिस्टर्ब रहने लगा। बरेली के मानसिक चिकित्सालय से उसका इलाज भी चला। दवा खाने तक ठीक रहता था। राजीव के दिमाग में ब्लड जमा हो गया था। सीटी स्कैन कराया था, जिसमें पता चला कि वो बढ़ रहा था। एक साल से अवसाद में था। राजीव ऐसा कदम उठा लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
ये है पूरी घटना
शाहजहांपुर के गांव मानपुर चचरी में पिता ने धारदार हथियार से अपने ही चार बच्चों की निर्ममता से हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। एक दिन ही पहले आरोपी का पत्नी से झगड़ा हुआ। वह अपने मायके चली गई थी। बच्चों के मरने की खबर मिलते ही वह बदहवास हो गई। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
ऐसे लगी हत्याकांड की जानकारी
राजीव के पिता पृथ्वीराज घर के बाहर झोपड़ी में रहते हैं। उन्होंने गुरुवार सुबह पोते को चाय पीने के लिए बुलाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई बाहर नहीं निकला तो वह शौचालय के रास्ते अंदर गए तो मंजर देख चीख पड़े। उनकी आवाज सुनकर आस-पास के लोग जुटे गए। ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
चाकू से काटा गला, कमरे में चारों तरफ फैला था खून
बरामदे में खून से लथपथ चारों बच्चों के शव चारपाई पर पड़े थे। बताया गया कि चाकू से उनके गले काटे गए थे। कमरे में राजीव का शव साड़ी के फंदे से कुंडे से लटका हुआ था। सूचना पाकर एसपी राजेश द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गहनता से जांच पड़ताल की। माना जा रहा है कि राजीव ने सोते समय बच्चों की हत्या की।
‘पापा आपको मारते हैं, मुझे थोड़ी न…’
पत्नी कौशल्या ने बताया कि बुधवार को पति उससे झगड़ा करने लगा था। कहने लगा कि घर से भाग जा। जब वह बेटे को ले जाने लगी तो उसने बेटा भी छीन लिया। वह बेटी कीर्ति के स्कूल पहुंची और उससे साथ चलने को कहा। इस पर कीर्ति ने कहा कि मम्मी.. पापा आपको मारते हैं, मुझे थोड़ी मारेंगे। आप चली जाओ। बाद में वापस आ जाना। बेटी की यह बात याद कर कौशल्या बिलख पड़ी। परिजनों ने उसे संभाला।
‘शराब पीने लगा था राजीव’
पूर्व प्रधान दिनेश ने बताया कि राजीव की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जब इसकी मां बीमार हुई थी, तब रुपये न होने के कारण उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद राजीव के साथ हादसा हुआ, जिससे वह परेशान रहने लगा। इसको लगता था कि मेरे बच्चों को कौन पालेगा। शराब भी पीने लगा था। उसने बहुत गलत किया। ऐसा कदम उठाने से पहले सोचना चाहिए था। लोग मदद करते।












अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें