भीमताल कांग्रेस में बगावत के सुर? 12 दावेदारों ने भरी हुंकार; बोले- “दलबदलू या पैराशूट प्रत्याशी बर्दाश्त नहीं”

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हल्द्वानी (17 मार्च 2026): आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भीमताल सीट पर कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पार्टी के 12 वरिष्ठ और युवा नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर साफ कर दिया कि इस बार टिकट का फैसला स्थानीयता और निष्ठा के आधार पर होना चाहिए।

1. स्थानीयता बनाम बाहरी का मुद्दा

प्रेस वार्ता में शामिल डॉ. केदार पलड़िया, हरीश पनेरू और राकेश बृजवासी ने पार्टी नेतृत्व को कड़ा संदेश दिया:

  • स्थानीय चेहरा: मांग की गई कि टिकट केवल उसी को मिले जो सालों से क्षेत्र में सक्रिय है।

  • दलबदलुओं पर रोक: नेताओं ने स्पष्ट कहा कि चुनाव के समय पार्टी में शामिल होने वाले ‘पैराशूट’ या ‘दलबदलू’ प्रत्याशियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • एकजुटता का संकल्प: मंच पर मौजूद सभी 12 नेताओं ने शपथ ली कि यदि इन 12 में से किसी भी एक को टिकट मिलता है, तो बाकी सभी उसे जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।

2. राकेश बृजवासी का बड़ा ऐलान: ₹1 करोड़ की मदद

पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश बृजवासी ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दिखाते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें या मंच पर मौजूद किसी भी साथी को उम्मीदवार बनाती है, तो वह प्रत्याशी को चुनाव जिताने के लिए एक करोड़ रुपये तक की निजी आर्थिक मदद देने को तैयार हैं।

3. वर्तमान विधायक पर निशाना

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायक राम सिंह कैड़ा के 9 साल के कार्यकाल की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास की गति थमी हुई है और विधायक का ‘अहंकार’ क्षेत्र के विकास में बाधा बन रहा है।


भीमताल सीट के 12 प्रमुख दावेदार

नाम पद/पहचान
डॉ. केदार पलड़िया राज्य आंदोलनकारी व पूर्व दर्जाधारी
हरीश पनेरू वरिष्ठ कांग्रेस नेता
राकेश बृजवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य
खीमराज सिंह बिष्ट पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख, रामगढ़
राम सिंह चिलवाल ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस
स्वपनिल जोशी युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष
करन बोरा युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव
भावेष नेगी विधानसभा अध्यक्ष, यूथ कांग्रेस
अन्य उपस्थित: नवीन पलड़िया, प्रताप बर्गली, पप्पू बिष्ट, राजू रुवाली।

भीमताल का राजनीतिक इतिहास: एक नजर

भीमताल विधानसभा का गणित हमेशा से जटिल रहा है:

  • 2017: राम सिंह कैड़ा कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय जीते।

  • 2022: कैड़ा भाजपा में शामिल हुए और दोबारा जीत दर्ज की।

  • वर्तमान स्थिति: दान सिंह भंडारी (पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी) अब भाजपा में हैं। लाखन सिंह नेगी की सक्रियता भी चर्चा का विषय है।

निष्कर्ष: कांग्रेस के इन 12 दावेदारों की गोलबंदी ने पार्टी हाईकमान के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण कर दी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का यह दबाव आने वाले समय में टिकट वितरण की प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित करेगा।

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