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कुख्यात अपराधियों का सेफ जोन बनता ऊधमसिंह नगर, बाजपुर से दबोचा गया पंजाब का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर

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राजू अनेजा, काशीपुर। ऊधमसिंह नगर एक बार फिर बाहरी राज्यों के कुख्यात अपराधियों की शरणस्थली बनने के आरोपों के बीच सुर्खियों में है। जिले के बाजपुर क्षेत्र से पंजाब के एक मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड एसटीएफ, पंजाब पुलिस और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पंजाब के वांछित अपराधी ईशानप्रीत सिंह को बाजपुर के केशवनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी उत्तराखंड में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई। बताया जा रहा है कि ईशानप्रीत सिंह लंबे समय से पंजाब पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था और मई माह से बाजपुर में पहचान छिपाकर रह रहा था। आरोपी अमृतसर के थाना छेहर्टा क्षेत्र का निवासी है और उसके खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट तथा आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

 

12 पिस्टल और 900 ग्राम हेरोइन बरामद होने के बाद हुआ था फरार

जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को पंजाब के अमृतसर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और बीएसएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस की भनक लगते ही ईशानप्रीत सिंह मकान की छत से कूदकर फरार हो गया था। बाद में उसके घर की तलाशी में भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए गए थे।
बरामदगी में 12 पिस्टल, 20 मैगजीन और करीब 900 ग्राम हेरोइन शामिल थी। पुलिस के अनुसार बरामद हथियारों में तीन बरेटा, तीन जिगाना और छह मेड इन चाइना पिस्टल शामिल थीं। इस बरामदगी के बाद पंजाब पुलिस ने उसे मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर उसकी तलाश तेज कर दी थी।

 

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पहुंचते थे हथियार और नशा

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी के तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके पास पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थ पहुंचाए जाते थे। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां उसे बेहद संवेदनशील अपराधी मान रही थीं।
एसटीएफ की सूचना ने दिलाई बड़ी सफलता
उत्तराखंड एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब का वांछित अपराधी ऊधमसिंह नगर जिले में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर एसटीएफ, पंजाब पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने बाजपुर के केशवनगर क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं।

बढ़ रहे सवाल, आखिर अपराधियों की पहली पसंद क्यों बन रहा जिला?

बीते कुछ समय में पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी ऊधमसिंह नगर से हो चुकी है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर फरार अपराधी इस जिले को ही सुरक्षित ठिकाना क्यों मान रहे हैं। सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति, आसान आवागमन और घनी आबादी वाले इलाकों में पहचान छिपाकर रहने की सुविधा को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
पंजाब पुलिस को सौंपा गया आरोपी
पूछताछ के बाद आरोपी ईशानप्रीत सिंह को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क, सहयोगियों और उत्तराखंड में संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही हैं। आरोपी की गिरफ्तारी को ऑपरेशन प्रहार के तहत एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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