उमेश पाल हत्याकांड: जेल में बंद अशरफ का खतरनाक प्लान सुन आप भी कहेंगे- यह तो और खतरनाक है…

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उमेश पाल की हत्या की साजिश सबारमती जेल के सात ही बरेली की जेल में भी रची गई थी। मामले को लेकर लगातार जारी पड़ताल के बीच कई अहम राज खुलकर सामने आए हैं।

एसटीएफ को पता लगा कि माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से शूटरों की मुलाकात जेल के सिपाही शिवहरि अवस्थी और जेल में सब्जी मुहैया करवाने वाले दयाराम उर्फ नन्हे ने करवाई थी। एसटीएफ के इनपुट के आधार पर पुलिस ने सिपाही शिवहरि अवस्थी और दयाराम उर्फ नन्हे को जेल भेजा है।

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बातचीत का रिकॉर्ड भी लगा पुलिस के हाथ

पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार सिपाही शिवहरि ने बीते दिनों शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान और उसके साथियों की मुलाकात बरेली जेल में बंद अशरफ से करवाई थी। टीम को सिपाही शिवहरि और अशरफ के साले सद्दाम के बीच बातचीत का रिकॉर्ड भी मिला है। जिसके बाद अशरफ से जेल में मुलाकात करवाने वाले गुर्गों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में अशरफ का साला सद्दाम और उसका साथी लल्ला गद्दी भी संलिप्त है।

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अशरफ ही संभाल रहा था प्रयागराज से जुड़े तमाम काम

पुलिस ने बताया कि जेल में अशरफ के करीबियों और रिश्तेदारों को बिना पर्ची के ही मुलाकात करवाई जा रही थी। यह मुलाकात सामान्य बंदियों के नियत स्थान पर न होकर अशरफ की बैरक में या अन्य जगहों पर होती थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार एनकाउंटर में मारे गए शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने भी 11 फरवरी को बरेली जेल पहुंचकर अशरफ से मुलाकात की थी। उस्मान के साथ ही गुलाम और गुड्डू मुस्लिम भी वहां पर आए थे। आपको बता दें कि पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ को 11 जुलाई 2020 को नैनी जेल से बरेली जेल शिफ्ट किया गया था। अतीक अहमद के गुजरात की साबरमती जेल में होने के चलते प्रयागराज से जुड़े तमाम धंधे अशरफ ही बरेली जेल से देख रहा था।