शराब मुक्त शादियों के लिए अनूठी पहल: डोईवाला की ग्राम प्रधान दे रही हैं ₹51,000 का इनाम; कॉकटेल पार्टी के बढ़ते चलन पर लगाई रोक
डोईवाला (देहरादून): उत्तराखंड के गांवों में शादियों के दौरान शराब परोसने के बढ़ते चलन और उससे होने वाली आर्थिक व सामाजिक बर्बादी को रोकने के लिए डोईवाला की गड़ूल ग्राम पंचायत ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। यहाँ की ग्राम प्रधान स्वीटी रावत ने घोषणा की है कि जो परिवार अपनी बेटी की शादी में शराब (कॉकटेल पार्टी) का आयोजन नहीं करेगा, उसे प्रधान की ओर से ₹51,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
📉 मुहिम का मकसद: ‘नशा मुक्त युवा, कर्ज मुक्त परिवार’
ग्राम प्रधान स्वीटी रावत का मानना है कि शादियों में शराब परोसने से दो मुख्य नुकसान हो रहे हैं:
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आर्थिक बोझ: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार दिखावे की इस प्रथा के कारण भारी कर्ज के तले दब जाते हैं।
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नशे की लत: सार्वजनिक आयोजनों में शराब की उपलब्धता युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है।
💰 अब तक दो परिवारों को मिला प्रोत्साहन
ग्राम प्रधान की यह मुहिम रंग लाने लगी है और अब तक दो परिवार इस नेक पहल का हिस्सा बन चुके हैं:
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पहली पहल (1 दिसंबर 2025): गांव के निवासी ज्ञान सिंह बिष्ट ने अपनी बेटी की शादी में शराब न पिलाकर इस मुहिम की शुरुआत की। उनकी इस हिम्मत के लिए देहरादून के DM सविन बंसल के हाथों उन्हें ₹51,000 का चेक प्रदान किया गया।
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ताजा मामला (5 फरवरी 2026): आज देवेंद्र सिंह रावत ने भी अपनी बेटी के विवाह में कॉकटेल पार्टी का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधान ने उन्हें सम्मानपूर्वक ₹51,000 का चेक सौंपा।
🗣️ प्रधान और प्रतिनिधियों का संदेश
ग्राम प्रधान स्वीटी रावत ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को एक कड़ा संदेश देना है ताकि अनावश्यक फिजूलखर्ची को रोका जा सके। वहीं, समाजसेवी धर्मेंद्र रावत ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र के अन्य प्रतिनिधियों को भी ऐसी शुरुआत करनी चाहिए। इससे न केवल शादियों का बजट कम होगा, बल्कि समाज में एक सात्विक वातावरण भी बनेगा।
🏆 प्रशासन का मिला साथ
देहरादून के जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल ने भी ग्राम प्रधान की इस पहल की जमकर सराहना की है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के सामाजिक प्रोत्साहन से सरकारी नशा मुक्ति अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती है।

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