उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाफल सुधार परीक्षा का परिणाम तय समय पर नहीं, हो सकती है देरी

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देहरादून: उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाफल सुधार परीक्षा का परिणाम तय समय पर घोषित नहीं हो पाया है। पंचायत चुनाव, राज्य में आई आपदा और फिर राजकीय शिक्षक संघ के मूल्यांकन बहिष्कार के कारण इसमें देरी हुई है। अब विभागीय अधिकारी अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवा रहे हैं।


 

क्यों हो रही है परिणाम घोषित करने में देरी?

 

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उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी ने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाफल सुधार परीक्षा 4 से 11 अगस्त तक 97 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में हाईस्कूल के 8,400 और इंटरमीडिएट के 10,706 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था।

परीक्षा के बाद अगस्त में ही परिणाम घोषित किया जाना था, लेकिन कई वजहों से मूल्यांकन कार्य रुक गया। पहले पंचायत चुनाव और राज्य में आपदा के कारण देरी हुई, और फिर राजकीय शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया।

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इस महीने के अंत तक जारी हो सकता है परिणाम

 

राकीय शिक्षक संघ के बहिष्कार के बाद अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों से मूल्यांकन कराया जा रहा है। बोर्ड के सचिव के अनुसार, सोमवार तक यह काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद बोर्ड प्रयास करेगा कि इसी महीने के अंत तक परीक्षाफल सुधार परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाए।

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