उत्तराखंड चारधाम के मंदिर परिसरों में मोबाइल-कैमरा पूरी तरह बैन, रील बनाने वाले व्लॉगर्स को लगा बड़ा झटका

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ऋषिकेश/देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने मर्यादा और दर्शन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिर परिसरों के भीतर मोबाइल फोन और कैमरों का प्रवेश वर्जित होगा। श्रद्धालुओं को अब अपने आराध्य के दर्शन बिना किसी डिजिटल व्यवधान के करने होंगे।

🚫 क्यों लिया गया यह फैसला?

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसरों के भीतर मोबाइल और कैमरों के अत्यधिक प्रयोग से दर्शन व्यवस्था में भारी अड़चनें पैदा हो रही थीं।

  • दर्शन में बाधा: लोग फोटो और वीडियो बनाने के चक्कर में गर्भगृह और मुख्य परिसर में काफी समय बिताते थे, जिससे लाइनें लंबी हो जाती थीं।

  • पवित्रता और अनुशासन: व्लॉगिंग और रील बनाने की होड़ से तीर्थ की गरिमा प्रभावित हो रही थी।

  • नया नियम: श्रद्धालु मंदिर के बाहर पृष्ठभूमि (Background) में फोटो ले सकेंगे, लेकिन परिसर के भीतर प्रवेश से पहले उन्हें मोबाइल और कैमरे जमा करने होंगे।

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🎒 मोबाइल जमा करने के लिए होगी अलग व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंदिर परिसरों के पास सुरक्षित क्लॉक-रूम (जमा केंद्र) तैयार करें। यहाँ यात्री अपने कीमती गैजेट्स सुरक्षित रखकर शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कर सकेंगे।

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🗓️ कपाट खुलने की तिथियां: कब से शुरू होगी यात्रा?

इस वर्ष चारधाम यात्रा का आगाज अप्रैल माह से होने जा रहा है:

  • गंगोत्री और यमुनोत्री: इन दोनों धामों के कपाट 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को खुलेंगे।

  • केदारनाथ: कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर घोषित की जाएगी।

  • बदरीनाथ: कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर तय होगी।


📸 व्लॉगर्स को झटका, आम श्रद्धालुओं को राहत

प्रशासन का यह निर्णय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और व्लॉगर्स के लिए एक बड़ी चुनौती है, जो मंदिर के भीतर वीडियो बनाकर कंटेंट तैयार करते थे। हालांकि, उन आम श्रद्धालुओं ने इस फैसले का स्वागत किया है जो घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहते हैं। वीडियोग्राफी न होने से दर्शन की गति बढ़ेगी और यात्रियों को कम समय में भगवान के दर्शन सुलभ होंगे।

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📈 पिछले वर्ष का रिकॉर्ड

गढ़वाल आयुक्त के अनुसार, पिछले यात्रा सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के चारों धामों के दर्शन किए थे। इस भारी भीड़ को देखते हुए इस वर्ष सुरक्षा, सुगमता और सुविधा के लिए पहले ही ठोस कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

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