दून में वीआईपी नंबरों की ‘जंग’: ₹13.74 लाख में बिका ‘0001’, पूर्व सीएम की बेटी को पछाड़ अधिवक्ता ने मारी बाजी

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देहरादून: परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में आयोजित ऑनलाइन नीलामी में UK07HJ0001 नंबर ने इतिहास रच दिया है। अपनी नई मर्सिडीज़ GLS कार के लिए अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने 13 लाख 74 हजार रुपये की बोली लगाकर इस प्रतिष्ठित नंबर को हासिल किया।

📉 इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी बोली

यह देहरादून के इतिहास में वीआईपी नंबर के लिए लगी दूसरी सबसे ऊंची बोली है।

  • ऑल टाइम रिकॉर्ड: इससे पहले UK07HC0001 नंबर ₹13.77 लाख में बिका था।

  • कड़ा मुकाबला: इस नीलामी में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की बेटी भी शामिल थीं। उन्होंने 13.50 लाख रुपये तक की बोली लगाई, लेकिन अंततः वह नीलामी से पीछे हट गईं।

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💰 फैंसी नंबरों का ‘प्राइस टैग’: किसे क्या मिला?

आरटीओ संदीप सैनी के अनुसार, इस सीरीज के कुल 23 नंबरों की बोली लगाई गई। कुछ प्रमुख नंबरों की नीलामी दरें इस प्रकार रहीं:

वीआईपी नंबर नीलामी की कीमत (रुपये में)
UK07HJ0001 ₹13,74,000
UK07HJ0003 ₹4,87,000
UK07HJ0007 ₹3,66,000
UK07HJ7777 ₹1,80,000
UK07HJ0006 ₹1,78,000
UK07HJ0009 ₹1,60,000
UK07HJ7000 ₹1,51,000

📋 कैसे बुक होता है वीआईपी नंबर?

अगर आप भी अपनी गाड़ी के लिए विशेष नंबर चाहते हैं, तो परिवहन विभाग के कुछ नियम हैं:

  1. बेस प्राइस: ‘0001’ और ‘0786’ जैसे नंबरों की न्यूनतम कीमत ₹1 लाख है। अन्य आकर्षक नंबरों के लिए यह ₹10,000 से ₹25,000 के बीच होती है।

  2. पंजीकरण: सबसे पहले न्यूनतम धनराशि जमा कर ऑनलाइन बोली के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

  3. नीलामी प्रक्रिया: ऑनलाइन बिडिंग में जो सबसे ऊंची बोली लगाता है, नंबर उसे आवंटित कर दिया जाता है।

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📉 घट रहा है ‘0786’ का क्रेज

हैरानी की बात यह है कि कभी बेहद लोकप्रिय रहने वाले 0786 नंबर के प्रति लोगों का आकर्षण कम हुआ है। ₹1 लाख की न्यूनतम कीमत होने के बावजूद इस बार किसी भी व्यक्ति ने इस नंबर के लिए बोली नहीं लगाई।

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🎤 आरटीओ का बयान

“ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। इस बार अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने सबसे ऊंची बोली लगाकर 0001 नंबर प्राप्त किया है। वीआईपी नंबरों के प्रति लोगों का आकर्षण विभाग के लिए अच्छे राजस्व का स्रोत बना हुआ है।

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