पर्सनल लोन और गोल्ड लोन में से कौन सा विकल्प बेहतर है, जानिए दोनों में अन्तर
आम आदमी या नौकरीपेशा को अक्सर जीवन में बड़े पैसों की जरूरत पड़ती है या आर्थिक संकट आते हैं. ऐसी स्थिति में लोन एक विकल्प के तौर पर सबसे पहले सामने आता है. खासतौर से कोरोना के बाद आर्थिक संकट से बहुत सारे लोगों को गुजरना पड़ा है. ऐसी स्थिति में लोन लेने वाली की संख्या भी बढ़ी है. इस दौरान गोल्ड लोन की खासियतों के चलते इसकी डिमांड भी तेजी से बढ़ी है. तमाम जानकार पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन को बेहतर मानते हैं. आइए समझते हैं कि वो कौन से कारण हैं जिस वजह से गोल्ड लोन को ज्यादा बेहतर माना जा सकता है.
झंझट किसमें ज्यादा
अगर आप पर्सनल लोन ले रहे हैं तो आपको कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ता है. वहीं, मगर गोल्ड लोन के मामले में कॉलेट्रल के रूप में गोल्ड होल्डिंग्स रहती है. यानी आप सोना गिरवी रखने के बदले में लोन पा रहे हैं. पर्सनल लोन में आपको बहुत सारे डॉक्यूमेंट देने पड़ते हैं. इनकम सर्टिफिकेट, डॉमिसाइल का प्रमाण और इसी तरह के अन्य प्रूफ. वहीं, गोल्ड लोन में यह सब झंझट नहीं होता है.

गोल्ड लोन में प्रक्रिया सीधी
पर्सनल लोन लेते वक्त आय प्रूफ से लेकर तमाम पेपर देने पड़ते हैं. लिहाजा इसकी प्रक्रिया लंबी और समय लेने वाली होती है. वहीं, गोल्ड लोन में प्रक्रिया सीधी है. उधारकर्ता कई फॉर्म पर हस्ताक्षर करते हैं और अपने सोने के कीमती सामान को सिक्योरिटी के रूप में प्रस्तुत करते हैं. उसके बाद, लोन राशि को मंजूरी दी जाती है.
रीपेमेंट
पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन के रीपेमेंट ऑप्शन अधिक फ्लेक्सिबल होते हैं. गोल्ड लोन लेने वाले कई तरह के रीपेमेंट तरीकों में से किसी एक को चुन सकते हैं. गोल्ड लोन आपकी चुकौती क्षमता को बढ़ाने के लिए कई सॉल्यूशन प्रदान करते हैं, जिससे आपको अपने लोन का भुगतान करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है.
ब्याज दर
गोल्ड लोन की तुलना में पर्सनल लोन पर ब्याज दर बहुत अधिक होती है. क्योंकि इनमें गोल्ड लोन सिक्योर्ड लोन है और पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड. कम-ज्यादा ब्याज दर का फर्क इन दोनों तरह के लोन में सबसे अहम है.

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