खनन ट्रक की टक्कर से मौत के बाद शव सड़क पर रख प्रदर्शन; यशपाल आर्य ने प्रशासन को घेरा
काशीपुर (ऊधम सिंह नगर): काशीपुर के कुंडेश्वरी क्षेत्र में खनन वाहनों की बेलगाम रफ्तार ने एक और जान ले ली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त हो गया। बीती रात ढकिया नंबर एक क्षेत्र में गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक के शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी मौके पर पहुंचकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला।
🚛 हादसा और तत्काल आक्रोश
घटना बीते दिन की है जब खनन सामग्री से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार व्यक्ति को पीछे से कुचल दिया।
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मौके पर मौत: दुर्घटना इतनी भीषण थी कि व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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ट्रक में आग: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने संबंधित ट्रक को आग के हवाले कर दिया।
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हाईवोल्टेज ड्रामा: पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब शव परिजनों को मिला, तो उन्होंने उसे सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जो देर रात तक जारी रहा।
🎙️ नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के तीखे तेवर
देर रात धरना स्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने परिजनों को अपना समर्थन दिया और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए:
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“अफसरशाही बेलगाम”: आर्य ने कहा कि पिछले 7 दिनों में 5 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफियाओं और अधिकारियों के बीच “गठजोड़” है।
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सूचीबद्ध होंगे अधिकारी: उन्होंने चेतावनी दी कि संवेदनहीन अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सूचीबद्ध किया जा रहा है।
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सरकार पर हमला: उन्होंने कहा कि सरकार की शह पर अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है और देवभूमि को कलंकित किया जा रहा है।
👮 पुलिस का आश्वासन और समझौता
कई घंटों तक चले हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया:
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कार्रवाई का भरोसा: पुलिस ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने और आरोपी चालक पर कड़ी कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया।
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धरना समाप्त: आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव को सड़क से हटाने पर राजी हुए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
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मुलाकात: धरना खत्म होने के बाद यशपाल आर्य ने मृतक के घर जाकर शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाया।
⚠️ क्षेत्र में गहराता संकट
कुंडेश्वरी और ढकिया क्षेत्र में खनन वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि आबादी वाले क्षेत्रों में खनन वाहनों की गति सीमा तय की जाए और सुबह से शाम तक इनके प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

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