अंकिता भंडारी हत्याकांडः SIT ने पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों की मांगी पुलिस रिमांड, RSS नेता के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

देहारदूनः अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही SIT ने अदालत से मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी है। अंकिता भंडारी मर्डर मामले में गठित SIT प्रभारी और डीआईजी पी. रेणुका देवी ने जानकारी देते हुए कहा कि कोटद्वार कोर्ट में याचिका दायर कर मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों के पुलिस रिमांड की मांग की है।

गौरतलब है कि देश को झकझोर देने वाले अंकिता हत्याकांड की पुलिस तत्परता से हर पहलू की जांच करने में जुटी है जिससे आरोपियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके। जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर की अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए त्वरित अदालत गठित करने का मंगलवार को अनुरोध भी किया है।

हत्याकांड की जांच की निगरानी कर रहे उत्तराखंड पुलिस के एक उच्चपदस्थ अधिकारी ने दावा किया कि 22 सितंबर को अंकिता की गुमशुदगी का मामला राजस्व पुलिस से पुलिस को सौंपे जाने के 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित तीनों आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया।

उधर, हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में देहरादून जिले के रायवाला थाना पुलिस ने आरएसएस नेता विपिन कर्णवाल के खिलाफ समाज में तनाव फैलाने के साथ ही महिला का अपमान करने का मामला दर्ज किया है। सीओ ऋषिकेश डीसी ढौंडियाल कहा कि आरोपी की तलाश की जा रही है।

पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनंत्रा रिजॉर्ट में कार्यरत 19 वर्षीया अंकिता की कथित रूप से रिजॉर्ट मालिक आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के निकट चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी। पुलकित हरिद्वार के पूर्व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता विनोद आर्य का पुत्र है जो पूर्व में दर्जाधारी राज्य मंत्री रह चुके हैं। घटना के सामने आने के बाद भाजपा ने आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

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