क्या आप भी जानते हैं पैन कार्ड के बारे में यह जरूरी बातें

PAN CARD: एक बार जारी पैन लाइफटाइम के लिए पूरे देश में वैलिड होता है. यह पता बदलने या संबंधित अधिकारी के बदलने के बाद भी यह ठीक वैसे ही मान्य होता है.

 

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PAN CARD: परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन (PAN) कार्ड आज एक बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट के तौर पर इस्तेमाल होता है. पैन कार्ड को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) जारी करता है. पैन कार्ड (PAN card) जारी करने की मकसद टैक्स चोरी को रोकना है. इन्हीं वजहों से पैन कार्ड को फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से जोड़ दिया जाता है. पैन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दो एजेंसियों – NSDL और UTITSL के पास है.

  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, एक बार जारी पैन लाइफटाइम के लिए पूरे देश में वैलिड होता है. यह पता बदलने या संबंधित अधिकारी के बदलने के बाद भी यह ठीक वैसे ही मान्य होता है.
  • टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, पैन सिर्फ एक ही हो सकता है. एक से ज्यादा पैन कार्ड बनवाना अवैध है. इनकम टैक्स कानून, 1961 के सेक्शन 272बी के तहत एक से ज्यादा पैन कार्ड पाए जाने पर 10,000 रुपये की पेनाल्टी भरनी होगी.
  • इनकम टैक्स रिटर्न तभी फाइल करना जरूरी होता है जब आप इनकम टैक्स के सेक्शन 139 के तहत इसके दायरे में आते हैं. सिर्फ आपने पैन कार्ड बनवाया है तो अब आईटीआर भी फाइल करना होगा, यह जरूरी नहीं.
  • जब आप कोई बड़ी खरीदारी जैसे कोई गाड़ी खरीद या बेच रहे हैं या कोई बड़ा ट्रांजेक्शन कर रहे हैं तो आपको अपना पैन कार्ड की कॉपी देनी ही होगी. इसके बिना आप यह काम नहीं कर पाएंगे.
  • इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल में ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक इंस्टैंट पैन कार्ड का फंक्शन भी ऐड किया है. इसमें आप अपने आधार नंबर के बेस पर इंस्टैंट पैन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसपर आपको e-PAN जारी किया जाता है, जिसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं.
  • पैन का इस्तेमाल आईटीआर फाइल करने, बैंक अकाउंट ओपन करने, गाड़ी खरीदने या बेचने, क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई करने, ज्वेलरी खरीदने, इन्वेस्टमेंट करने, फॉरेन एक्सचेंज, प्रॉपर्टी, लोन, एफडी, कैश डिपोजिट, टेलीफोन कनेक्शन, इंश्योरेंस पेमेंट और आईडी प्रूफ के तौर पर होता है.
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