उत्तराखंड : कलयुगी बेटों की गंदी हरकत! पहले की पिता की हत्या, फिर सबूत मिटाने को रची साजिश; पुलिस ने हड्डी व राख से शुरू की जांच

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग से हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई दंग रह गया. दरअसल, रुद्रप्रयाग जिला के गुप्तकाशी इलाके में बेदुला गांव में एक भाईयों ने मिलकर अपने पिता की हत्या कर दी.

यही नहीं इस घटना को छिपाने के लिए दोनों भाईयों ने पिता के शव को नदी किनारे ले जाकर जला दिया. लेकिन लोगों को इसकी भनक लग गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने लगभग जल चुके शव को बरामद किया है. जबकि आरोपी भाईयों को भी गिरफ्तार कर लिया हैय

पीट-पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट

सब-इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह पंत के मुताबिक, बेदुला गांव के दो भाईयों मनीष राणा (22) अमित राणा (30) ने अपने पिता बलवीर सिंर राणा (55) अपने ही घर पर बुधवार रात पीट-पीटकर हत्या कर दी. उसके बाद वह रात में ही पिता के शव को नदी किनारे लेकर पहुंचे आग लगा दी.

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में ट्रैक मरम्मत कार्य के चलते समपार संख्या 50 स्पेशल ( गोला रोड फाटक ) रहेगा बंद, वैकल्पिक मार्ग का करें उपयोग

जिससे हत्या की वारदात को छिपाया जा सके. लेकिन ग्रामीणों की इसकी खबर लग गई उसकी सूचना पुलिस को दी. उन्होंने बताया कि जब ग्रामीणों ने धुआं उठता देखा तो वे मौके पर पहुंच गए. जहां दोनों भाईयों ने अपने पिता की हत्या की बात स्वीकार कर ली. उन्हें अपने पिता की हत्या का कोई पछतावा नहीं था. फिलहाल दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जानें क्यों पिता के हत्यारे बने भाई

सब-इंस्पेक्टर पंत ने बताया कि दोनों भाई अपने पिता की अपमानजनकर व्यवहार से परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने उनकी हत्या कर दी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि बलबीर सिंह राणा बचपन से ही अपनी दो बेटियों समेत चारों बच्चों को अक्सर पीटा करते थे. ये सिलसिला बच्चों बड़े होने तक जारी रहा. पति के बुरे व्यवहार से तंग आकर उनकी पत्नी 2013 में दोनों बेटियों को लेकर हरियाणा चली गईं. जबकि बेटे वहीं रह गए. हालांकि, उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया. उसके बाद अमित मुंबई चला गया वहां एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करने लगा. जबकि मनीष ने देहरादून में एक छोटी सी नौकरी कर ली.

यह भी पढ़ें 👉  मानवता की मिसाल: कैंसर अस्पताल, प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रयास से अनाथ मासूम बच्ची सुरक्षित लौटी पिथौरागढ़

7000 रुपये को लेकर हुआ था पिता से विवाद

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले विवाद तब बढ़ गया जब मनीष अपनी घर लौटा. उसके पिता ने उससे जबरन 7000 रुपये ले लिए. इसके बारे में मनीष ने अमित को बता दिया. इसके बाद अमित भी 1 दिसंबर को घर आ गया. बुधवार की रात अमित ने पिता से पैसे लौटाने को कहा. जिससे विवाद बढ़ गया. इस दौरान बलवीर सिंह राणा एक पत्थर उठाकर अमित को मारने के लिए उसकी ओर दौड़ा. इस दौरान दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया. उसके बाद उन्होंने पिता की जमकर पिटाई की. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. अगले दिन, उन्होंने उसके शव को नदी के पास ले जाकर जला दिया.

यह भी पढ़ें 👉  छात्रों पर पढ़ाई के बढ़ते मानसिक दबाव की दुखद परिणति: बड़ी बहन की डांट से क्षुब्ध 11वीं की छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर की आत्महत्या
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad