उत्तराखंड : यहां एसडीएम, पटवारी और कोर्ट के पूर्व कर्मचारी ने धोखाधड़ी से सरकारी जमीन ही बेच दी, मुकदमा दर्ज

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देहरादून: झाझरा में सरकारी जमीन को राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से सोसाइटी को बेचने का आरोप है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह धोखाधड़ी की गई। एसआईटी की जांच पर आरोपी, एसडीएम विकासनगर, कोर्ट के पूर्व कर्मचारी और पटवारी पर प्रेमनगर थाने में केस दर्ज हुआ है।

अधिकारी अरुण प्रताप सिंह की ने शिकायत दर्ज कराई है कि अमरजीत ने 2002 में झाझरा की 1.5930 हेक्टेयर जमीन तीन लोगों को बेची थी। बाद में 2004 में उसी जमीन के दस्तावेज के आधार पर 0.9110 हेक्टेयर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री एक संस्था के नाम की गई और सरकारी जमीन पर कब्जा दे दिया गया। इस मामले में सरकारी अभिलेखों में भी हेराफेरी की गई। एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरजीत ने राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया।

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अमरजीत और अधिकारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जमीन की पहले हुई बिक्री का रिकॉर्ड जानबूझकर देरी से चढ़ाया गया जिससे धोखाधड़ी की गई। थाना प्रेमनगर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि अमरजीत सहित एसडीएम विकासनगर, कोर्ट के पूर्व कर्मचारियों और पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही इसपर फैसला लिया जाएगा।

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