कबूतरबाज गिरोह के सरगना हुआ गिरफ्तार, विदेश भेजने के नाम पर लाखों की करी ठगी

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देहरादून: राजधानी देहरादून में पुलिस ने एक कबूतरबाज गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जो लंबे अरसे से सेना के रिटार्यड अधिकारियों और उनके बेरोजगार बच्चों को दुबई व कनाडा जैसे देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी को अंजाम देता था. आरोपी सन्नी नाहर को पुलिस ने क्लेमेंट टाउन क्षेत्र से गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 35 पासपोर्ट, 9 फर्जी वीजा के जाली दस्तावेज, लैपटॉप, 16 रिज्यूमे, 21- LMIA फॉर्म और 5 लाख की नकदी बरामद की है. पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के बैंक खातों को सीज करा दिया है, जिसमें लाखों का देने किया गया है. पुलिस ने मुताबिक कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी सन्नी नाहर विदेश भागने की फिराक में था.

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विदेश भागने वाला था आरोपी: पुलिस का कहना है कि पूर्व सैनिकों को ठगने वाला शातिर कबूतरबाज सन्नी नाहर के खिलाफ जैसी ही एक्स आर्मी अफसर धीरज गुरुंग द्वारा ठगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई, उसकी भनक लगते ही अभियुक्त विदेश भागने की फिराक में था लेकिन पुलिस ने समय रहते आरोपी को गिरफ्तार कर दिया.

पुलिस के अनुसार पूर्व सैनिक धीरज गुरुंग को कनाड़ा में नौकरी दिलाने के नाम पर पहली किस्त के तौर पर ₹35000 और पासपोर्ट जमा करवाए. एक साल बाद पिछले दिनों जब धीरज गुरुंग को वीजा और अप्रूवल लेटर जैसे दस्तावेज मिले तो उसने उनकी जांच कराई. जांच में सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए. इसी आधार पर धीरज गुरुंग ने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया.

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मोटी सैलरी का लालच: पुलिस मुताबिक कबूतरबाज सन्नी नाहर ने दुबई और कनाड़ा में G4S कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी लगाने के नाम पर एक लाख का खर्च बताया और एक लाख 70 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी दिलाने का लालच देकर दर्जनों लोगों से लाखों की ठगी कर चुका है. अभियुक्त अभी तक देहरादून में 35 एक्स आर्मी और उनके बेरोजगार बच्चों से विदेश भेजने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी कर चुका है.

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त सन्नी नाहर के दिवंगत पिता आर्मी अफसर थे. उन्हीं की जान पहचान के पूर्व सैनिकों को अपने झांसे में फंसाता था. पता चला है कि आरोपी सन्नी नाहर एक कंसल्टेंसी कंपनी में एचआर के पद पर काम चुका है. इसी दौरान उसको बेरोजगारों के काफी रिज्यूम हाथ लगे, जिसके बाद उसने वर्ष 2016 में अपने जीजा पंकज पांडे के साथ मिलकर विदेशों में नौकरी भेजने के नाम पर जालसाजी का खेल शुरू किया.

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इस गोरखधंधे में कई लोगों की शिकायत आने के बाद थाना क्लेमेंट टाउन में पूर्व में दो मुकदमे दर्ज हुए, जिसके तहत दोनों लोग जेल भी जा चुके हैं. जेल से रिहा होने के बाद सनी का जीजा पंकज लखनऊ चला गया लेकिन सनी फिर से देहरादून में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने लगा.

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