खेतों में नहीं घुसेंगे जंगली जानवर, मेड़ो में लगाएं ये 3 पौधे, कीटों की समस्या भी नही आएगी, बंपर होगी पैदावार

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खेतों में नहीं घुसेंगे जंगली जानवर, मेड़ो में लगाएं ये 3 पौधे, कीटों की समस्या भी नही आएगी, बंपर होगी पैदावार।

किसान बड़ी मेहनत से फसल तैयार करते हैं, लेकिन अगर जंगली जानवरों का आतंक रहता है तो रातों-रात पूरी फसल बर्बाद हो जाती है।

इसलिए आज हम आपको कुछ पेड़ों की जानकारी देने जा रहे हैं जिन्हें आप खेत के किनारे मेड़ में लगा देते हैं तो जंगली जानवर खेत में नहीं घुसेंगे। साथ ही साथ कीटों की समस्या नहीं आएगी। यानी कि कई तरह के फायदे होंगे। फसल ना बर्बाद होगी उपज भी ज्यादा होगी। छोटे बड़े सभी तरह के कीट जंगली जानवर खेत में नहीं घुसेंगे।

इसके अलावा इन पेड़ों से आपकी कमाई भी हो जाएगी। यानी की खेत में खेती करने के साथ में पेड़ों में लगे पेड़ों से कमाई भी होगी और वह आपकी फसल की सुरक्षा भी करेंगे तो चलिए आज तीन पेड़ों के बारे में जानते हैं।

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मेड़ो में लगाएं ये 3 पौधे

नीचे लिखे बिंदुओं के अनुसार जानिये ऐसे तीन पेड़ जिन्हे मेड़ों में लगाकर जंगली जानवर को खेतों में आने से रोक सकते है।

  • ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों जंगली जानकारों की समस्या आती है। जिनके लिए एक टिमरू का पेड़ बढ़िया विकल्प है। यह एक प्रकार की कटीली झाड़ी है। इस पेड़ को पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है। इससे जंगली जानवरों को खेतों में जाने से रोक सकते है। इस पेड़ की लकड़ी से पहले लोग दातून करते थे है। ब्रश की तरह इस्तेमाल करते है। इससे फसलों को कीटों की समस्या जाती है। इस पेड़ की पत्ती, बीज सब कुछ काम में आती है। हाई बीपी के मरीजों को इससे आराम मिलता है। चलिए आपको दो और पेड़ो की जानकारी लेते है।
  • देश में और किसान है जिनके यहाँ यह पहाड़ी पेड़ नहीं है तो वह लोग नींबू का पेड़ लगाते है तो इससे भी उन्हें फायदा है। इसमें कांटे भी होते है, जिससे जंगली जानवर खेत में नहीं आते है। नींबू की बिक्री करके आय में वृद्धि कर सकते है।
  • अगर नींबू नहीं लगाते है तो करौंदा लगा सकते है। यह सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इससे जंगली जानवर खेत में किसी हालत में नहीं जा सकते है। यह बहुत झाड़ी दार होता है। जिससे सांप जैसे जानवर भी अंदर नहीं जाते है। यह पर्वतीय और मैदानी सोनो इलाको में रहने वाले किसानों के लिए अच्छा है। इससे किसान कमाई कर सकते है। करौंदे फल का अचार बनता है। इसको कच्चा भी लोग खाते है। इसकी बिक्री किसान कर सकते है।
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